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धन्वंतरि जयंती पर विशेष: कोरोना महामारी में आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा, 30 गुना तक बढ़ी मांग

Thu, 12 Nov 2020 01:35 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आयुष अधिकारी बोले, चिकित्सकों की टीम ने घर-घर जाकर दी औषधियां
  • आधे से ज्यादा घरों में पहली बार कर रहे थे उपयोग 
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आयुर्वेद एवं कोरोना वायरस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना वायरस महामारी में आयुर्वेद पर भरोसा बढ़ा। आठ महीने में आयुर्वेद औषधियों की मांग 30 गुना तक बढ़ी। यहां तक कि हर रोज 1500 लोग पहली बार आयुर्वेद औषधियों का उपयोग भी कर रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए चिकित्सकों ने जड़ी-बूटी और देशी पद्धति को कारगर बताने के बाद काढ़ा, गिलोय की गोली, अश्वगंधा, हर्बल चाय, तुलसी का अर्क, एनर्जी बूस्टर और जिनशिंग की गोली की खूब बिक्री हुई।
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भोजन बनाने में भी अदरक, काली मिर्च, तेज पत्ता, लौंग का इस्तेमाल भी बढ़ा। विक्रेता बताते हैं कि मार्च में शहर में संक्रमण के मामले मिलने के बाद आयुर्वेद दवाओं की मांग में लगातार बढ़ोत्तरी हुई। आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. लोकेंद्र प्रताप ने बताया कि आयुर्वेद दवा लेने वालों में स्वस्थ लोग ज्यादा हैं, जो पहली बार इनको उपयोग कर रहे हैं।

युवा भी अपना रहे आयुर्वेद दवाएं
कोरोना महामारी से पहले चुनिंदा, खासकर बुजुर्ग लोग आयुर्वेद दवाओं का उपयोग करते थे, लेकिन संक्रमण फैलने के बाद तेजी से इसे अपनाने वाले बढ़े। यहां तक कि युवा भी इसे अपनाने लगे। आयुर्वेद दवाओं की बिक्री में इन सात-आठ महीने में 30 गुना तक बढ़ गई। - डॉ. आशीष ब्रह्मभट्ट, अध्यक्ष, आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन
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घर-घर जाकर इनका वितरण किया
कोरोना वायरस में सरकार से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवा, काढ़ा समेत तमाम औषधियां आईं। क्लीनिक बंद हैं, लेकिन घर-घर जाकर इनका वितरण किया। इनमें रोजाना 1200 से 1500 लोग ऐसे थे, जिन्होंने संक्रमण के कारण पहली बार आयुर्वेद औषधियां इस्तेमाल की। - डॉ. जेके राणा, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्साधिकारी 

पूरा परिवार रोजाना पीता हैं काढ़ा 
ईदगाह रहने वाली संजू सिकरवार ने बताया कि कोरोना के डर से रोजाना एक बार काढ़ा अनिवार्य रूप से पति, बेटे और पुत्र वधू को पिलाती हूं। शुरू में बेटे को स्वाद अच्छा नहीं लगता था, लेकिन अब इसकी आदत हो गई है।

पूरे परिवार ने अपनाया आयुर्वेद 
कमला नगर निवासी प्रमोद सिंघल ने बताया कि संक्रमण से पहले कभी-कभार ही हर्बल चाय पी लेते थे, लेकिन अब तो इसे अनिवार्य कर दिया। आयुर्वेद कफ सीरप ही इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चे भी आयुर्वेद को अपनाने लगे हैं। 

बच्चों को देती हूं आयुर्वेद एनर्जी बूस्टर 
हीराबाग निवासी ऊषा ने बताया कि पहले जुकाम-खांसी होने पर एलोपैथी की दवा खाते थे, लेकिन अब ऐसी परेशानी होने पर काढ़ा पीते हैं। बच्चों के लिए आयुर्वेद एनर्जी बूस्टर भी खरीद कर रखें हैं, बच्चों को नियमित देती हूं।
 
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