13 नवंबर को ही पर्व मनाना अधिक श्रेयस्कर
ज्योतिषाचार्य आचार्य रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि 13 नवंबर को त्रयोदशी पर्वकालीन के साथ उदयकाल में भी है, जो श्रेष्ठ है। 13 नवंबर को पर्वकालीन त्रयोदशी, शुक्रवार, चित्रा, स्वाति नक्षत्र का संयोग, प्रीति और आयुष्मान योग एवं बुधादित्य योग इस पर्व को कुछ खास बना रहे हैं।
13 नवंबर को तेरस, 14 को प्रातः रूप चौदस और प्रदोषकाल में दीपावली और महालक्ष्मी पूजन, 15 को गोवर्धन पूजा व अन्नकूट तथा 16 नवंबर को भैया दूज का पर्व मनाना धर्म सम्मत व श्रेयस्कर भी है। देश भर के अदिकांश पंचांगों की गड़ना व मान्यता के अनुसार धन त्रयोदशी का पर्व 13 नवंबर शुक्रवार को मनाना ही उचित और श्रेयस्कर है।