विधानसभा चुनाव से पहले थाना स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर अब अधिकारियों की सीधी नजर होगी। किस थाना पुलिस ने निरोधात्मक कार्रवाई की, अति संवेदनशील बूथों को चिह्नित किया या नहीं, किसने लापरवाही की। इसका पता अब डीजीपी को कुछ सेकंड में चल जाएगा। पुलिस के लिए मोबाइल पर यूपी इलेक्शन-2017 एप की शुरूआत की गई है। इसमें पुलिस को हर दिन की कार्रवाई का डेटा अपलोड करना होगा। इससे कागजों में आंकड़ेबाजी करने वाले पकड़े में आ जाएंगे। अधिकारी उन पर कार्रवाई भी करेंगे।
विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी होने वाली है। चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए पुलिस ने भी तैयारी शुरू कर दी है। यूपी इलेक्शन-2017 एप के जरिए पुलिस अधिकारी थाना पुलिस की चुनाव संबंधी कार्रवाई पर नजर रख सकेंगे। इस एप में सात बिंदु बनाए गए हैं। इनमें संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, पिछले चुनावों में हुए बवाल की घटनाएं, शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की जानकारी, पाबंदी की कार्रवाई आदि शामिल हैं। मोबाइल एप से थाना प्रभारी, सीसीटीएनएस के प्रभारी सहित एक मुंशी को जोड़ा गया है। गुरुवार से इस एप की शुरूआत हो गई। सभी थानों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वो हर दिन का डाटा सीसीटीएनएस पर अपलोड करेें, जिससे यह डाटा मोबाइल एप पर चला जाएगा। इसके बाद अधिकारी पुलिस की कार्रवाई को अपने मोबाइल पर देख सकेंगे।
यह होंगे बिंदु
. संवेदनशील बूथों की मैपिंग
. अपराधियों पर कार्रवाई
. एनबीडब्ल्यू
. पिछले चुनावों में हुईं हिंसा की घटनाएं
. चुनाव 2017 में हिंसा की आशंका
. शस्त्र लाइसेंस
. प्रतिदिन की जाने वाली निरोधात्मक कार्रवाई