ताजमहल पर लगातार दूसरे साल सैलानी घटे हैं, लेकिन यूपी टूरिज्म के डीजी ने री-सेलिंग के चलते ताज के आंकड़ों को कम करार दिया। मामले में यूपी टूरिज्म और एएसआई आमने-सामने हैं। एएसआई ने बुधवार को डीजी टूरिज्म के आंकड़ों पर सवाल उठाए। साथ ही यूपी टूरिज्म द्वारा ही संचालित किले के लाइट एंड साउंड शो और एलआईयू द्वारा सैलानियों में आई कमी की रिपोर्ट का हवाला दिया।
प्रदेश के सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने ताजमहल की रेंडम चेकिंग कराकर यह खुलासा किया था कि ताजमहल पर सैलानी बीते साल से बढ़े हैं न कि घटे। जैसा कि एएसआई की टिकटों की बिक्री के आधार पर बताया जा रहा है। एएसआई ने ताजमहल पर टिकटों की री-सेलिंग के इन आरोपों को बुधवार को नकार दिया। तर्क दिया कि यूपी टूरिज्म की रिपोर्ट में आगरा में बीते साल से सैलानियों की तादात घटी बताई गई है। एएसआई ने उन आंकड़ों को भी जारी किया। एएसआई के आंकड़ों के मुताबिक ताजमहल पर साल 2013 में 7.40 लाख विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि 2014 में 7.06 लाख। यूपी टूरिज्म को एलआईयू रिपोर्ट में आगरा में यह संख्या 2013 में 4.03 लाख और 2014 में 3.30 लाख बताई गई। ताज नहीं, बल्कि किले पर भी घटती संख्या का असर बताने के लिए कहा गया है कि लाइट एंड साउंड शो में 1671 के मुकाबले इस साल 1334 सैलानी ही आए।
वीआइपी और फ्री एंट्री के भी आंकड़े
एएसआई ने डीजी टूरिज्म पर पलटवार करते हुए दिसंबर के महीने में वीआईपी विजिट और विदेशी पर्यटकों की फ्री एंट्री के आंकड़े भी दिए हैं। इसके मुताबिक, दिसंबर में 659 विदेशी पर्यटकों को वीआईपी श्रेणी में मुफ्त प्रवेश कराया गया, जिनमें एडीएम प्रोटोकॉल द्वारा 296 विदेशी पर्यटकों को प्रवेश दिलाना शामिल था।
यूपी टूरिज्म के आंकड़े
साल पर्यटक
2013 4,03,902
2014 3,30,576
एएसआई के आंकड़े
साल पर्यटक
2013 7,40,002
2014 7,06,722
लाइट एंड साउंड शो में सैलानी
साल सैलानी
2013 1671
2014 1334