मंदिर में भीड़ एवं उमस भरी गर्मी का वातावरण होगा। ऐसे में शुगर, बीपी एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित रोगी, बुजुर्ग व्यक्ति, छोटे बच्चों एवं दिव्यांगजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं श्रद्धालु अपने आभूषण, पर्स, कीमती सामान एवं मोबाइल फोन की रक्षा भी स्वयं करें।
दर्शन की होगी वन-वे व्यवस्था
अक्षय तृतीया पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को एक गेट से प्रवेश और दूसरे से निकासी होगी। मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट संख्या 2 व 3 से प्रवेश दिया जाएगा। गेट संख्या चार से श्रद्धालु बाहर निकलेंगे। आपातकाल व्यवस्था के लिए गेट संख्या एक का उपयोग किया जाएगा। श्रद्धालुओं को गलियों में भी वन-वे रूट से ही मंदिर आने दिया जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विद्यापीठ चौराहा से मंदिर को आने वाले मार्ग, किशोर पुरा तिराहे से गौतम पाड़ा एवं जुगल घाट, फलाहरी बाबा वाली गली से होते हुए मंदिर में पहुंचने वाले मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपने जूता, चप्पल प्रवेश गलियों की शुरुआत में बनाए गए जूता घर या गाड़ी पर ही उतारकर आने की अपील की है।