श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा आने वाले भक्त अपने संग लड्डूगोपाल को भी ला रहे हैं। वे यहां उन्हें कान्हा के जन्मोत्सव पर ब्रज के नजारे दिखाते आनंदित नजर आ रहे हैं।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले ही कान्हा के जन्मोत्सव की एक झलक पाने को आतुर भक्तों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि सहित वृंदावन के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा है। देर रात तक झिलमिलाते मंदिरों में आराध्य के दर्शन करने और वहां जन्मोत्सव को लेकर हो रहे कार्यक्रमों को देख भक्तजन आनंदित हो रहे हैं। मंदिर जयकारों से गुंजायमान हो रहे हैं। भक्तजन परिवार के साथ लड्डू गोपाल को भी ब्रज के नजारे दिखाने ला रहे हैं।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंच रही महिलाएं घरों से लड्डू गोपाल को भी अपने साथ कान्हा की नगरी में छाए उल्लास को दिखाने लाई हैं। बांदा निवासी सावित्री अपने बेटे लड्डू गोपाल केशव को लेकर श्रीकृष्ण जन्म स्थान दर्शन करने पहुंची। पानीपत निवासी पिंकी लड्डू गोपाल को सिर पर विराजित कर श्रीकृष्ण जन्म भूमि के दर्शन किए। महिला भक्त सावित्री ने बताया कि उनका कोई पुत्र नहीं है। इसलिए लड्डू गोपाल ही उनका पुत्र है।
इनका नाम केशव रखा है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर परिवार के साथ आई पिंकी ने बताया कि लड्डू गोपाल को सजे धजे ब्रज के नजारे दिखाने लाई हूं। वह भी ब्रज में आकर आराध्य के जन्मोत्सव का हिस्सा बनेंगे और ठाकुरजी में दर्शन करेंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह भी उचित नहीं है कि जन्मोत्सव मनाने मैं परिवार के साथ आएं और अपने लड्डू गोपाल को बंद घर पर ही छोड़ आऊं।