अजय बाथम ने बताया कि पिछले 8-9 महीने दिन-रात मेहनत करके गणेश जी की प्रतिमा बनाई है। यूट्यूब से इलेक्ट्रिक मोटर, डिवाइस के बारे में जानकारी ली। फिर गाड़ी के टायर व ट्यूब की रबड़ से गणेश जी की प्रतिमा बनाई। मूर्ति में इंसानों जैसी जान डालने के लिए काफी रिसर्च किया। इसलिए भगवान की इस प्रतिमा को विर्सजन की जगह शहर के मंदिर या किसी म्यूजियम में रखवाने की इच्छा है।
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उन्होंने बताया कि वह इवेंट का काम करते हैं। उनका घर छोटा होने के कारण गणेश जी की इतनी बड़ी प्रतिमा गणेश चतुर्थी पर स्थापित नहीं कर सकते। इसलिए शहर के लोगों से सहायता मांगी है। ताकि गणेश चतुर्थी पर मूर्ति स्थापित करने के लिए उन्हें एक जगह मिल सके और उत्सव मनाया जा सके।