एनआईए की टीम ने प्रयागराज में छापा मारा।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को प्रयागराज में जिस देवेंद्र सिंह आजाद से पूछताछ की है, वह फतेहाबाद के भलोखरा गांव का निवासी है। वह आईएएस बनना चाहता है, इसके लिए वह बीते 5 वर्षो से तैयारी कर रहा है। इंटरमीडिएट करने के बाद से ही वह प्रयागराज चला गया था। परिवार के लोगों को जब उससे पूछताछ के बारे में पता चला तो वो सकते में आ गए। वह सिर्फ इतना ही बोल रहे थे कि बेटा कभी कभार ही घर आता है। वह किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं हो सकता।
परिवार के लोगों ने बताया कि देवेंद्र सिंह तीन भाई हैं। बड़े भाई श्यामवीर निजी कंपनी में नाैकरी करते हैं, जबकि दूसरे नंबर के भाई पुष्पेंद्र ने बीएड किया है। पिता बालादीन किसान हैं। देवेंद्र नेताजी हिम्मत सिंह इंटर काॅलेज से वर्ष 2017 में हाईस्कूल और 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद प्रयागराज तैयारी करने चला गया। वहां पर ही बीए और एएम किया।
अब वह आईएएस की तैयारी में जुटा है। जेआरएफ की परीक्षा भी पास कर चुका है। इससे उसे 50 हजार रुपये प्रतिमाह मिल भी रहे हैं। वह वर्ष 2021 में एक संगठन से जुड़ा था। हर साल सदस्यता लेनी होती है। उसने सदस्यता को दोबारा नहीं कराया। इस वजह से सदस्यता खत्म हो गई। एनआईए की टीम ने उससे 6 घंटे तक पूछताछ की। दो मैग्जीन को कब्जे में लिया है। इन मैग्जीन में उसके लेख प्रकाशित थे। जनवरी 2023 के केस के संबंध में जांच की गई। टीम में 6 लोगों के साथ 40-45 पुलिसकर्मी शामिल थे।
परिजन ले रहे बेटे से जानकारी
परिजन का कहना है कि बेटा बचपन से ही होनहार है। वह आईएएस बनना चाहता है। इसलिए तैयारी के लिए उसे प्रयागराज भेज दिया। वह किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं है। पुलिस उसका रिकाॅर्ड भी चेक कर सकती है। गांव में एनआईए की पूछताछ की जानकारी से सभी परेशान हैं। इस पर बेटे से बार-बार बात कर रहे हैं।