केला, आम और अंगूर का लगाएं भोग
प्राचीन सिद्धि विनायक मंदिर के महंत पंडित ज्ञानेश शास्त्री बताते हैं कि भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत में केला, आम, अंगूर, नारियल आदि के साथ सूखे मेवे आदि का भोग लगाया जाता है। इसके अलावा फल, चीनी, कट्टू का आटा, आलू, साबूदाना, शकरकंद, नारियल, दूध, काली मिर्च, सेंधा नमक का सेवन व्रत रखने वाले लोग कर सकते हैं।
इस दिन सायंकाल ओम नमो: भगवते वासुदेवाय: द्वादश अक्षर मंत्र का जाप करें और तुलसी के पौधे के समक्ष गाय के घी का दीपक जलाएं। इससे घर में सुख शांति बनी रहती है। पितृदोष भी समाप्त हो जाता है। संतान की कामना करने वाले लोगों को भी इस दिन व्रत करके भगवान विष्णु सहस्त्रनाम और संतान गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए।
16 मुहूर्त में बजेगी शहनाई
दो साल के लंबे इंतजार के बाद शादियों की रौनक फिर से लौट आई है। सरकार ने कोरोना गाइड लाइन में मेहमानों की संख्या में छूट दी है। अब लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार मेहमानों को दावत पर बुला सकते हैं। 14 नवंबर यानी रविवार को ही ताजनगरी में सैकड़ों शादियां हैं। बुकिंग हालांकि पहले से ही हो चुकी है।
इन तिथियों में होंगी शादियां
सहालग देवोत्थान पर 14 नवंबर से शुरू हो रहा है। 15, 16, 20, 21, 28, 29 व 30 नवंबर को शादियां होंगी। वहीं, एक, दो, छह, सात, आठ, नौ, 11 व 13 दिसंबर को भी भारी सहालग है। ताजनगरी के लगभग सभी मैरिज होम फुल हैं।