मैनपुरी। देव स्मारक संस्थान कुसमरा में जीर्णोद्धार के लिए आंवटित धनराशि का उपयोग होने के बाद भी उपभोग प्रमाणपत्र जमा नहीं किए जाने पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निदेशक ने नाराजगी जताई है। डीएम को पत्र भेजकर आंवटित धनराशि का उपभोग तथा जीर्णोद्धार से संबंधित फोटो संस्थान के कार्यालय में जमा कराने को कहा गया है।
कुसमरा स्थित देव स्मारक की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए साहित्यकारों ने सपा शासन में मुख्यमंत्री सहित उप्र हिंदी संस्थान को ज्ञापन भेजा था। सपा शासन में ही वर्ष 2014 में उप्र हिंदी संस्थान के अध्यक्ष पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह यादव ने सात सदस्यीय समिति बनाकर देव स्मारक का जीर्णोद्धार कराने का निर्णय लिया था। संस्थान की पहल पर शासन ने देव स्मारक का जीर्णोद्धार कराने के लिए 32.92 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की। इस धनराशि से देव स्मारक का जीर्णोद्धार तो कराया गया लेकर उसका उपभोग प्रमाणपत्र शासन में जमा नहीं कराया गया है। जिसे लेकर उप्र हिंदी संस्थान के निदेशक पवन कुमार ने डीएम को पत्र भेजा है। आवंटित धनराशि का उपभोग प्रमाणपत्र के साथ ही जीर्णोद्धार के फोटो जमा कराने का कहा गया है।
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चार बार में मिली धनराशि
पूर्व सांसद उदयप्रताप सिंह की पहल पर चार बार में 32.92 लाख रुपये आवंटित किए गए। पांच अक्तूबर 2015 कोपंाच लाख रुपया, 29 जनवरी 2016 को पंाच लाख रुपया, चार अगस्त 2016 को 6.50 लाख रुपया, 12 मार्च 2017 को 16.42 लाख रुपये की अंतिम किश्त जीर्णोद्धार के लिए आवंटित हुई थी।
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एसडीएम सदर को भी भेजा पत्र
उप्र हिंदी संस्थान के निदेशक पवन कुमार ने उपभोग प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए एसडीएम सदर को भी पत्र भेजा है। एसडीएम के साथ ही समिति के सदस्य लाखन सिंह भदौरिया, पूर्व प्रधानाचार्य सत्य सेवक मिश्र, दीन मोहम्मद दीन, सूबेदार सिंह यादव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद को भी पत्र भेजे गए हैं।
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उप्र हिंदी संस्थान द्वारा भेजे गए पत्र के संबंध में जानकारी जुटाई गई है। जीर्णोद्धार से संबंधित फोटो संकलित कराए गए हैं। उपभोग प्रमाणपत्र तथा फोटो शासन सहित संस्थान के कार्यालय भेजे जाएंगे।
वीके मित्तल, एसडीएम सदर