सुहागिनों के पर्व करवाचौथ पर मथुरा में बनी पायल-बिछिया देश भर में खनकेगी। विभिन्न राज्यों से दो माह पहले प्राप्त हुए आर्डर भी अब पूरे हो गए हैं, डिलीवरी तेजी से जारी है। अट्टा और फैंसी पायल पर की गई आर्टिफिशियल कारीगरी महिलाओं को बेहद पसंद आ रही है।
करवा चौथ का पर्व 27 अक्तूबर को मनाया जाएगा। महिलाएं सजधज कर पति की दीर्घायु के लिए व्रत रखेंगी। इन महिलाओं के 16 शृंगारों में शामिल पायल का काम मथुरा में बड़े पैमाने पर होता है। शहर के मंडी रामदास, चौक बाजार, होली गेट, घीया मंडी, कच्ची सड़क आदि क्षेत्र में करीब 800 से अधिक इकाइयों में पायलों का निर्माण किया जाता है।
अलग-अलग राज्यों से की गई डिमांडों के अनुसार कारीगर चांदी और गिलट की पायल तैयार करने में जुटे हैं। कहीं से मोटी और वजनी पायलों का आर्डर मिला है तो कहीं से पतली लड़ीदार पायल की मांग सर्वाधिक है।
इन राज्यों में अधिक मांग
मथुरा में बनी पायलों की मांग मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में सर्वाधिक देखी जा रही है। मथुरा मंडी को यहां से अधिकांश आर्डर मिले हैं।
गिलट की पायल मात्र 30 रुपये में
फैशन के बदलते दौर में महिलाएं चांदी से ज्यादा गिलट की आर्टिफिशियल पायलों को अधिक पसंद कर रही हैं। इनकी कीमत मात्र 30 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 100-120 रुपये बताई गई है, जबकि चांदी की पायल करीब 15 सौ रुपये व इससे अधिक बताई गई है।
पायल बिछिया के थोक विक्रेता दुर्गेश अग्रवाल गिलट वाले ने बताया कि दो माह पूर्व दिए गए आर्डर की पूर्ति की जा रही है। पायल का काम यहां अधिक है जबकि बिछिया का काम राजकोट में भारी मात्रा में होता है।
सराफा कमेटी के महामंत्री योगेश जौली ने कहा कि छोटे तबके पर व्यापार में लगाने को पैसा नहीं है। फिलहाल सुस्ती है लेकिन पर्व के नजदीक आते ही बिक्री का ग्राफ बढ़ने की उम्मीद है।