18एमएनपी-41- परियोजना निदेशक कार्यालय में मौजूद उप निदेशक शिखी यादव व अन्य
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मैनपुरी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान परिणाम बदलने के लिए लेनदेन की बातचीत के दो ऑडियो वायरल के मामले की जांच के लिए निदेशालय के आदेश पर उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग बुधवार को मैनपुरी पहुंचीं। उन्होंने आरोपी और शिकायकर्ता दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। इससे पहले मामले में प्राथमिक जांच के बाद डीएम ने निदेशालय को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषिक की थी।
पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान वायरल दो ऑडियो में प्रथम दृष्टया जांच में आरओ किशनी/ तत्कालीन जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यश कुमार वर्मा और लिपिक अशोक शर्मा की आवाज बताई गई थी। रतिभानपुर निवासी सतेंद्र सिंह ने सामने आकर उनसे वसूली किए जाने की शिकायत भी की थी। डीएम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने यश कुमार वर्मा को निदेशालय संबद्ध कर मामले की जांच उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण आगरा शिखी यादव को सौंपी थी।
बुधवार को उपनिदेशक विकास भवन मैनपुुरी पहुंचीं। उन्होंने दोनों आरोपियों के बयान दर्ज करने के साथ ही शिकायकर्ता सतेंद्र कुमार के भी बयान दर्ज किए। इस दौरान शिकायतकर्ता ने उन्हें ऑडियो भी सुनाए। हालांकि आधिकारिक रूप से ऑडियो उपलब्ध कराने को लेकर कवायद चलती रही। बाद में पता चला कि पूर्व में ही जिलाधिकारी कार्यालय को ऑडियो क्लिप की सीडी भेजी जा चुकी है। लगभग तीन घंटे तक जांच के बाद उपनिदेशक लौट गईं।
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यह था मामला
पंचायत चुनाव की मतगणना के दौरान दो ऑडियो वायरल हुए थे। इसमें आरओ किशनी/ तत्कालीन जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यश कुमार वर्मा और लिपिक अशोक शर्मा की कथित आवाज बताई गई थी। ऑडियो में परिणाम बदलने के लिए रुपये के लेनदेन की बात थी। आचार्य क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान धीरेंद्र कुमार यादव और तत्कालीन जिला विकास अधिकारी पीके राय ने मामले की जांच कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी थी। यह रिपोर्ट जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने कार्रवाई के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय को भेजी थी।
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उपनिदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण बुधवार को एक मामले की जांच करने आईं थीं। जांच करने के साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों के बयान भी लिए। इसके बाद वह लौट गईं।
महेंद्र प्रताप, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी।