अमर उजाला करता रहा आगाह, आंखें मूंदे रहे अफसर
एंबुलेंसों की स्थिति को लेकर कई बार अमर उजाला खबरों के माध्यम से आगाह करता रहा। कॉल आने पर धक्का मारकर स्टार्ट करने का मामला प्रकाशित किया था। इससे पहले कई बार ऑक्सीजन को लेकर भी चेताया गया लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे और अव्यवस्थाओं के चलते बच्ची की जान चली गई।
बिना ऑक्सीजन निधौली सीएचसी पर मिली एंबुलेंस
अमर उजाला टीम ने रविवार को सीएचसी निधौली कलां की पड़ताल की। यहां पर 108 और 102 एंबुलेंस खड़ी थीं। 102 एंबुलेंस नंबर यूपी 32 ईजी 0673 में ऑक्सीजन नहीं मिली। ईएमटी सुखवीर सिंह ने बताया कि दो माह पहले ऑक्सीजन भरवाई गई थी, इसके बाद से जांच नहीं की गई। इमरजेंसी में सेवाएं कैसे दी जाएगी, इसका वह कोई जवाब नहीं दे सके।
सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामले में जांच कराई गई है। पहली एंबुलेंस के चालक की लापरवाही सामने आई है, उसके ईएमटी पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी एंबुलेंस अलीगढ़ में मरीज को छोड़कर आई थी, इस दौरान उसकी ऑक्सीजन खत्म हो गई थी।