कासगंज। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना में बाधा बने बंद चल रहे 178 केंद्रों को खोलने के लिए कवायद शुरू हो गई है। विभाग इन केंद्रों का संचालन किराए के भवन लेकर करेगा। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने किराए के भवन तलाशने शुरू कर दिए हैं।
जिले में 2445 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनमें से 2267 आंगनबाड़ी केंद्र ही इस समय संचालित हो रहे हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित करने की शासन की योजना प्रस्तावित है। इन केंद्रों पर 3 से 6 साल तक के बच्चों को कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई कराई जाएगी। इस योजना को लेकर तैयारियां चल रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर बच्चों को पढ़ाई कराने के लिए तैयार किया जा रहा है, लेकिन इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा बंद चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
इन केंद्रों के बंद होने से इन क्षेत्रों के बच्चों को ्प्री प्राइमरी कक्षा से जोड़ने में दिक्कतें आएगी। इन केंद्रों के लिए जिला में न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ही मौजूद हैं और न ही भवन ही विभाग के पास हैं। इस स्थिति को देखते हुए शासन से इन केंद्रों को खोलने के लिए किराए के भवन लेने के निर्देश दिए है ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती कर इन केंद्रों को खोला जा सके।
बच्चों को नहीं मिल पाता पोषाहार योजना का लाभ
कासगंज। शासन से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार योजना का संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत 6 साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं को पोषाहार वितरित किया जाता है, लेकिन 178 केंद्रों के बंद रहने से बच्चों व गर्भवती धात्री महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता।