मैनपुरी। डेंगू से मौत की दहशत के चलते नगला निरंजन में अब पलायन शुरू हो गया है। घरों में ताले लगाकर 24 परिवार अपने अलग ठिकाने तलाश लिए हैं। इस बात की गवाही घरों में लटके ताले और सूनी गलियां दे रही हैं। धीरे-धीरे मोहल्ला खाली होने लगा है।
शहर के दीवानी रोड स्थित मोहल्ला नगला निरंजन में डेंगू ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। बुखार से 100 से अधिक लोग पीड़ित हैं। इनमें से 12 लोगों की जांच में डेंगू की पुष्टि भी हुई है। पिछले चार दिनों में तीन लोगों की मौत के बाद अब मोहल्ले के लोगों में डेंगू की दहशत घर कर गई है।
मंगलवार और बुधवार को 24 परिवार गांव छोड़कर चले गए हैं। गलियों में लाइन से घरों में ताले लटक रहे हैं। जो लोग यहां हैं भी वे भी बुखार की चपेट में है। जिन तीनों लोगों की डेंगू से मौत हुई है, उनके घरों में भी ताला लटका हुआ है। कोई और अनहोनी न हो इसके डर से वे कहीं दूसरी जगह चले गए हैं।
ये लोग छोड़ चुके हैं घर
वर्तमान में मोहल्ला निवासी नेत्रपाल, पातीराम, रामजीत, प्रवीन, संतोष कुमार, उपदेश कुमार, रूपलाल, चंद्रकिशोर, महिपाल, राघवेंद्र समेत कई घरों के लोग जा चुके हैं। वे अपने मवेशी और जरूरी सामान भी साथ ले गए हैं। कुछ परिवार को जो यहां बचे हैं, वे भी दहशत में जीने के लिए मजबूर हैं। उन्हें भी डर सता रहा है कि कहीं उन्हें भी डेंगू अपनी चपेट में न ले ले। आने वाले दिनों में यहां और भी परिवार जा सकते हैं।
इन जा चुकी है जान
शहर के वार्ड नगला निरंजन में अब तक डेंगू से तीन लोगों की जान जा चुकी है। 20 सितंबर को देर रात जहां अनिल ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वहीं शिक्षक यशवीर सिंह की भी दिल्ली के अपोलो अस्पताल मौत हो गई थी। इसके बाद 24 सितंबर को अनिल के चाचा अशोक कुमार ने आगरा में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, इससे लोगों में दहशत का माहौल है।
अभी कई परिवारों के लोग बांध रहे सामान
नगला निरंजन में जहां कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं तो वहीं अन्य भी अपना सामान बांध रहे हैं। एक या दो दिन में वे भी घर खाली कर जाएंगे। मोहल्ले की ही निवासी राममूर्ति देवी ने बताया कि उनके आसपास के सभी लोग घर खाली कर गए हैं। अपनी गली में बस अब उनका परिवार अकेला रह गया है। गुरुवार को वे भी अपनी रिश्तेदारी में चली जाएंगी।
मोहल्ले में है जलभराव और गंदगी
वैसे तो नगला निरंजन नगर पालिका क्षेत्र में आता है। लेकिन यहां सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। हाल ये है कि घरों के पीछे जलभराव और गंदगी के चलते यहां मच्छर पनप रहे हैं। लोगों ने कई बार इसे साफ कराने की मांग की, लेकिन आज तक किसी ने सुनवाई नहीं की।