किशनी। गांव महिगवां में लिंटर के मलबे में दबकर दो मजूदरों की मौत के मामले में परिजन व ग्रामीणों ने शटरिंग संचालक को जिम्मेदार ठहराया है। रविवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव थाने के बाहर रख प्रदर्शन और नारेबाजी की। करीब तीन घंटे बाद मुकदमा दर्ज होने पर परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
शनिवार को गांव महिगवां निवासी गौरव शाक्य के मकान का लिंटर पड़ रहा था तभी एक बल्ली को सही करने के दौरान शटरिंग जमींदोज हो गई थी। मलबा के नीचे दबने से मजदूर प्रेमपाल शाक्य निवासी गांव मरिहार और सुखवीर राठौर निवासी महिगवां की मौत हो गई थी। हादसे में 11 मजदूर घायल हुए थे। कई घायलों का मेडिकल कॉलेज सैफई व अन्य स्थान पर इलाज चल रहा है।
रविवार को दोनों मृतक प्रेमपाल व सुखवीर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शाम करीब तीन बजे मृतकों के परिजन व ग्रामीण दोनों के शव लेकर किशनी पहुंचे और शव थाने के बाहर रख दिए। आरोप लगाया कि शटरिंग संचालक गौरव हादसे का जिम्मेदार है। लोग उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे। करीब तीन घंटा तक शव थाने के बाहर रखे रहा। पुलिस ने शटरिंग संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जिसके बाद परिजन व ग्रामीण शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए। गमगीन माहौल में मजदूरों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया।