यमुना के डूब क्षेत्र में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने खासपुर (दयालबाग) स्थित मां गौरी टाउन के 17 और मकान ध्वस्त कर दिए। इससे कालोनी में हड़कंप मच गया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बिना मानचित्र स्वीकृति के विकसित हुई इस कालोनी में में अब तक 23 मकान ध्वस्त किए जा चुके हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद लोगों ने अपने मकान बचाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से फैसला कमिश्नर पर छोड़ दिया गया। कमिश्नर के यहां से अपील खारिज होते ही एडीए ने डूब क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान छेड़ दिया है। शुक्रवार से अभियान की शुरुआत मां गौरी टाउन से हुई थी। अंतिम पंक्ति के छह खाली मकानों सहित एक गेस्टहाउस ध्वस्त किए जा चुके हैं। मगर, बीच में मुख्यमंत्री के दौरे की वजह से फोर्स न मिल पाने के कारण अभियान को रोकना पड़ा। मंगलवार को मां गौरी टाउन में 17 मकानों को दो बुल्डोजरों की मदद से ढहा दिया गया।
दहशत में लोग घरों से बाहर निकल आए। विरोध की आशंका पर अधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिसकर्मियों ने लोगों को दूर कर दिया। अधिशासी उप सचिव सुनीता यादव, अभियंता प्रदीप कुमार, अवर अभियंता विजेंद्र सिंह, केपी सिंह, अनिल सचान, रघुवीर सिंह, उदयवीर सिंह की देखरेख में यह अभियान चला।
इनसेट
एडीए कर्मियों को एक बार थाने से लौटना पड़ा
मां गौरी टाउन में अभियान चलाने के लिए एडीए कर्मी पूर्वाह्न 11 बजे थाना न्यू आगरा पहुंच गए थे। मगर, दोपहर तक फोर्स उपलब्ध न होने पर वे कार्यालय लौट गए। बाद में सचिव कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने उच्च अधिकारियों से बात की। पुलिस बल के इंतजार में ध्वस्तीकरण अभियान अपराह्न तीन बजे के बाद शुरू हो पाया।