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कार्रवाई: रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम पर एनजीओ संचालिका ने हड़पे 70 हजार रुपये, महिला गिरफ्तार

Wed, 12 May 2021 12:12 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

एसपी पूर्वी के. वेंकट अशोक ने बताया कि शास्त्रीपुरम निवासी कविता एनजीओ चलाती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गई थीं। एनजीओ से जुड़े सदस्य भी संक्रमित हो गए थे।
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आगरा पुलिस की गिरफ्त में धोखाधड़ी की आरोपी महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नोएडा में स्ट्रीट डॉग के लिए कार्य करने वाली एनजीओ की संचालक महिला ने रेमडेसिविर इंजेक्शन दिलाने के नाम पर आगरा की एक एनजीओ संचालक महिला से 70 हजार रुपये ले लिए। मगर, इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराए। पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। मंगलवार को कोविड एंटी ब्लैक मार्केटिंग स्क्वैड ने आरोपी महिला को पकड़ लिया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।  
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कोविड एंटी ब्लैकमार्केटिंग स्क्वैड के नोडल अधिकारी एसपी पूर्वी के. वेंकट अशोक ने बताया कि शास्त्रीपुरम निवासी कविता एनजीओ चलाती हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गई थीं। एनजीओ से जुड़े सदस्य भी संक्रमित हो गए थे। संक्रमित सदस्यों के परिजनों ने कविता से रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा। कविता की जान पहचान नोएडा में एनजीओ संचालित करने वाली सेक्टर 105 निवासी दीपाली पांडे से थी। उन्होंने उनसे फोन पर संपर्क किया। दीपाली ने एक इंजेक्शन की कीमत पांच हजार रुपए बताई। इस पर कविता ने 12 इंजेक्शन दिलाने को कहा। उन्होंने खर्च के 70 हजार रुपए डिलीवरी सहित बताए। कविता ने 70 हजार रुपये उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। 

मगर, उनके पास इंजेक्शन नहीं भेजे गए। तब से वह लगातार संपर्क कर रही थीं, लेकिन दीपाली ने इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराए। इस पर रुपये भी वापस मांगे। मगर, उन्हें रुपये नहीं दिए। कविता ने पुलिस से शिकायत की।  
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इंजेक्शन लेने आई थी आगरा 
एसपी पूर्वी ने बताया कि आरोपी दीपाली पांडे के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए कोविड एंटी ब्लैकमार्केटिंग स्क्वैड को लगाया गया। मंगलवार को दीपाली को हरीपर्वत क्षेत्र में रवि हास्पिटल के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि वह पीड़िता को जानती थी। इस पर उससे संपर्क हो गया। वह आगरा में इंजेक्शन की व्यवस्था करने आई थी। मगर, कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। उसके पास इंजेक्शन भी नहीं थे। लालच में आकर रुपये ले लिए थे। महिला स्ट्रीट डाग के लिए कार्य करने वाली एनजीओ संचालित करती है। उसका पति भी सदस्य है। जो भी उनके साथ शामिल होगा, कार्रवाई की जाएगी। 

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