आगरा के सींगना में तैयार कोविड अस्पताल
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न डीआरडीओ, न रक्षा मंत्रालय, न किसी अन्य सरकारी एजेंसी की मदद। आगरा के जूता उद्यमियों के संगठन एफमेक ने महज 15 दिनों के अंदर 350 बेड का प्री-कोविड अस्पताल शुरू कर दिया। एफमेक पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से मंगलवार को सींगना स्थित आगरा ट्रेड सेंटर में बनाए गए प्री-कोविड अस्पताल का शुभारंभ किया। पहले दिन यहां तीन मरीज भर्ती किए गए हैं।
यहां प्रशासन के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के जरिए मरीजों को भर्ती किया जाएगा, जिनका इलाज विदेशी चिकित्सकों के भी परामर्श के साथ किया जाएगा। प्रकृति के करीब बने अस्पताल में योग, आध्यात्मिक संगीत के साथ कोरोना संक्रमितों का इलाज किया जाएगा।
एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने प्रेसवार्ता में बताया कि 15 दिन से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी जिसे अब शुरू कर दिया गया है। विदेशों से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण मंगवाए गए, जबकि ऑक्सीजन गैस सिलिंडर देश के कई शहरों से मंगवाए गए। प्रशासन की मदद के कारण रिकार्ड समय में कोविड अस्पताल शुरू कर दिया गया। उन्होंने डीएम प्रभु एन सिंह, नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे, डीवीवीएनएल एमडी के साथ सीएमओ डा. आरसी पांडे को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। पत्रकार वार्ता के दौरान विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा, अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
500 बेड तक किया जा सकेगा विस्तार
एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि 350 बेड की क्षमता के साथ अस्पताल शुरू किया गया है, लेकिन इसकी क्षमता 500 बेड तक की जा सकती है। इसे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक संचालित करेंगे। फिलहाल एल-1 और एल-1 प्लस के मरीज यहां भर्ती होंगे, लेकिन जल्द ही एल-2 श्रेणी के मरीज भी भर्ती हो पाएंगे। 200 बेड पर ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था यहां है। प्रशासन के कोविड कंट्रोल रूम के अलावा हॉस्पिटल के हेल्प लाइन नंबर 9557597705 पर संपर्क कर भर्ती हुआ जा सकता है। कोविड मरीजों के इलाज में योग और ध्यान भी शामिल किया गया है। कोविड सेंटर में आईसीयू वार्ड के साथ 5 हॉल भी होंगे, जहां आध्यात्मिक संगीत चलता रहेगा।
कोशिश ये कि कोई इलाज से वंचित न रहे
समाज के प्रति इस महामारी में हमारी जिम्मेदारी है कि कोई इलाज से वंचित न रहे। आपातकाल में सामूहिक प्रयास से ही जीत हासिल की जा सकती है। - राजेश सहगल, उपाध्यक्ष, एफमेक
ऑक्सीजन और बेड की कमी की खबरों पर हम सबने मिलकर यह प्रयास किया है। ऐसी आपदा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की कोशिश है। विदेशी चिकित्सकों को भी वीडियो कानफ्रेंसिंग से जोड़ा गया है। -कैप्टन एएस राणा, संयोजक, एफमेक