दिल्ली में कार धमाके की घटना के बाद आतिशबाजी का भंडारण और निर्माण करने वालों पर पुलिस की नजर है। 58 लाइसेंस धारकों के गोदाम और दुकान का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए पुलिस के साथ अग्निशमन विभाग और पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) की टीम बनाई गई है।
जिले में आतिशबाजी के भंडारण और निर्माण के 58 लाइसेंस हैं। लाइसेंस पीईएसओ की ओर से जारी किए जाते हैं। अग्निशमन विभाग को एनओसी देनी होती है। यह देखा जाता है कि जिस स्थान पर भंडारण और निर्माण किया जाना है, वह आबादी से दूर है या नहीं। आग से बचाव के क्या इंतजाम किए गए हैं। कर्मचारी प्रशिक्षित हैं या नहीं। इसके बाद रिपोर्ट दी जाती है। सभी मानक पूरे होने पर लाइसेंस मिलता है।
आगरा कमिश्नरेट में 5 हजार किलोग्राम क्षमता वाले 17, एक लाख तक के दो, दो लाख तक के पांच और 80 हजार किलोग्राम आतिशबाजी की क्षमता वाला एक लाइसेंस जारी किया गया है। इनमें सिर्फ आतिशबाजी का भंडारण किया जा सकता है। यह सभी खंदाैली के नादऊ, अछनेरा के रायभा, सिकंदरा, बिचपुरी आदि क्षेत्र में हैं। वहीं 1500 किलो आतिशबाजी के भंडारण के 33 लाइसेंस हैं। इसके अलावा 14 लाइसेंस आतिशबाजी के निर्माण के हैं। इनमें 450 किलोग्राम तक आतिशबाजी का निर्माण किया जा सकता है। यह सभी ताजगंज और एत्मादपुर क्षेत्र में स्थित हैं।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आतिशबाजी का भंडारण और निर्माण करने वालों की जांच कराई जा रही है। इसके लिए टीम बना दी गई है। स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। किसी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। आतिशबाजी के अतिरिक्त अन्य कोई भी संदिग्ध वस्तु मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। आतिशबाजी की बिक्री के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।