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डीएलएड की परीक्षाओं में 'लापरवाही', कक्ष में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों पर 'भार'

Fri, 07 Jun 2019 09:06 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डीएलएड की परीक्षा में एक सेंटर पर चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ड्यूटी देता हुआ - फोटो : अमर उजाला
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डीएलएड (बीटीसी) वर्ष 2017 के तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं शुक्रवार को शुरू हुईं, जो कि 10 जून तक चलेंगी। पहले दिन परीक्षा को मजाक बना दिया गया। कई केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक नहीं पहुंचे, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, स्वीपर और क्लर्क को लगाकर केंद्र व्यवस्थापकों ने परीक्षा कराई। 
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की ओर से परीक्षा कराने की जिम्मेदार जिला विद्यालय निरीक्षक को दी गई है। माध्यमिक विद्यालयों के साथ परिषदीय बेसिक स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक के रूप में लगाई गई है।

कक्ष निरीक्षक पहुंचे नहीं। शुक्रवार को 20 केंद्रों पर दो पाली में परीक्षा का आयोजन किया गया। 8900 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। आठ और 10 जून को तीन पाली में परीक्षा होगी।
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डीबी संतोष सिंह खासला इंटर कॉलेज, प्रतापपुरा में पहली पाली में 550 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 19 कक्षों में परीक्षा होनी थी। 38 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी थी। बेसिक और माध्यमिक को मिलाकर बाहरी शिक्षक महज तीन पहुंचे।

इसमें दो बेसिक से थे। प्रधानाचार्य कुलदीप जैन का कहना है कि प्राइवेट स्कूलों से शिक्षक बुलाए गए। फिर भी स्कूल के छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को, एक क्लर्क और एक चतुर्थश्रेणी कर्मी को लगाना पड़ा। यहां डीआईओएस ने भी स्कूल का निरीक्षण किया था।

रवींद्र सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि डीएलएड की परीक्षा के लिए माध्यमिक विद्यालयों के साथ परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।

जो शिक्षक नहीं पहुंचें हैं, उनके नाम केंद्र व्यवस्थापकों से मांगे गए हैं। संबंधित शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा। जिन केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक कम पहुंचे हैं, उनमें अतिरिक्त कक्ष निरीक्षक लगा दिए गए हैं।
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