फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गिरिराज जी के खजाने में 10.74 करोड़ का 'गोलमाल', डीएम और एसएसपी को नोटिस

Tue, 14 May 2019 12:17 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
दानघाटी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
गोवर्धन के प्रमुख मंदिर दानघाटी के खजाने में 10.74 करोड़ के गोलमाल में रिपोर्ट दर्ज न होने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने डीएम, एसएसपी को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन


इसकी सुनवाई कर रहे अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा ने माना था कि मंदिर के सहायक प्रबंधक ने मई 2017 से सितंबर 2018 तक मंदिर ठेका से प्राप्त संपूर्ण राशि बैंक खाते में जमा नहीं की है। इस पर गिरिराज सेवक समिति ने सहायक प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।

मंदिर दानघाटी का संचालन अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा की निगरानी में हो रहा है। कोर्ट ने मंदिर के प्रशासनिक, वित्तीय दायित्व सहायक प्रबंधक डालचंद्र चौधरी को दिए हैं। इसमें यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक कार्य से कोर्ट को अवगत कराएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। 
विज्ञापन

 

गिरिराज सेवा समिति बनाम दिलीप कुमार आदि के लंबित वाद की सुनवाई में फरवरी 18 में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) मथुरा छाया शर्मा ने माना कि दानघाटी के सहायक मैनेजर डालचंद्र ने मई 2017 से जून 18 तक मंदिर बैंक एकाउंट, कैशबुक, ठेका रजिस्टर कोर्ट में जमा नहीं किए हैं। 

इस अवधि तक 13.45 करोड़ का ठेका उठा है, जबकि बैंक में 5.31 करोड़ ही जमा किए हैं। इसके बाद भी तीन माह में 2.60 करोड़ का और ठेका उठा है। इस तरह ठेका से प्राप्त धनराशि 10.74 करोड़ बैंक खाते का हिसाब नहीं आया। कोर्ट ने इसमें डालचंद्र चौधरी को कारण बताओ नोटिस के साथ वित्तीय अनियमितता की कार्रवाई अमल में लाए जाने को कहा। 

कोर्ट की इस सुनवाई के बाद गिरिराज सेवक समिति के रमाकांत कौशिक ने मंदिर के सहायक मैनेजर के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र एसएसपी मथुरा को दिया था।
विज्ञापन

कार्रवाई न होने पर उन्होंने शिकायत मानवाधिकार आयोग से की। आयोग ने डीएम, एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आठ सप्ताह में मामले के निस्तारण के आदेश दिए हैं।

डालचंद्र चौधरी, सहायक मैनेजर, दानघाटी मंदिर, गोवर्धन का कहना है कि फरवरी में कोर्ट के आदेश के बाद सभी रिकार्ड जमा कर दिए हैं। किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं है। शिकायतकर्ता पूर्व में मंदिर का कर्मचारी था, जिसे निकाल दिया गया है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें