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Deepti Sharma: संत प्रेमानंद महाराज से दीप्ति ने पूछा था ये सवाल, जवाब में मिला था जीत का ये मंत्र

Tue, 04 Nov 2025 08:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया की स्टार खिलाड़ियों की बात करें तो शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम ने फाइनल में द.अफ्रीका को मात देकर इतिहास रचा है। दीप्ति शर्मा  पिछले साल मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज से मिली थीं। उन्होंने संत से एक सवाल पूछा था। 
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संत प्रेमानंद महाराज और दीप्ति शर्मा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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धार्मिक स्वभाव की दीप्ति पिछले साल मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज से मिली थीं। इस दौरान उन्होंने हार-जीत भरे जीवन में नकारात्मकता से बचने का उपाय पूछा था। उनका कहना था कि जीवन में कई बार ऐसा भी समय आता है कि चाहकर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं हो पाता। इस वजह से नकारात्मकता आ जाती है। ऐसे में क्या करना चाहिए कि नकारात्मकता न आए, इस पर प्रेमानंद महाराज ने बताया था कि सफलता जिस भी विषय में चाहिए हो, उस विषय से संबंधित अभ्यास रोज करना चाहिए। अच्छा-सच्चा व्यक्ति और खिलाड़ी हार पर भी विजयी रहता है।
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तीन बार हारने ने दी जीत की शक्ति
पिता श्रीभगवान शर्मा ने बताया कि भारतीय टीम लगातार तीन मैच हार गई थी। इस हार ने न सिर्फ दीप्ति को, बल्कि उसके साथ पूरी टीम को ही निराश कर दिया था। हालांकि जब उनकी फोन पर दीप्ति से बात हुई तो उन्होंने निराश न होने की बात कही। साथ ही कहा कि इस हार को ही अपनी जीत की ताकत बना लो। शायद इसी मंत्र के बाद बेटियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

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दीप्ति बोलीं- सपना पूरा हुआ
विश्वकप जीतने के जश्न के बीच सोमवार को दीप्ति ने अपनी मां सुशीला देवी, बहन प्रगति और उनकी बेटी राधा से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने कहा कि जब से टीम इंडिया के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया, सपना था कि टीम विश्वकप जीते और उस जीत में उनका योगदान हो। यह इत्तफाक है कि आज जब टीम जीती तो वह न सिर्फ प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनीं, बल्कि टीम की हर जीत में उन्होंने अपने योगदान दिया। कहा कि इस सपने के पूरा होने की खुशी को वह शब्दों में बयां नहीं कर सकती। दीप्ति बोलीं- अभी तो सब बस जीत को महसूस कर एंजॉय कर रहे हैं। इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान सबसे अच्छी बात यह रही कि हर मैच में किसी न किसी खिलाड़ी ने सरप्राइज एलीमेंट का काम किया और भारत की जीत में योगदान दिया।

 
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