मैनपुरी। घिरोर के गांव शाहजहांपुर निवासी शीलेश कुमार ने बताया कि दादी वेदमती की मृत्यु 21 मई 2022 को हुई थी। मृत्यु से पूर्व दादी उनके व बडे़ भाई नीलेश के नाम जमीन की रजिस्ट्री कर गई थीं। उक्त जमीन खतौनी में दोनों भाइयों के नाम पर दर्ज है। वह लोग बाहर रह कर मजदूरी करते हैं।
उनके नाम की भूमि का गांव के रहने वाले देवेंद्र सिंह ने वर्ष 1991 को फर्जी तरीके से उनकी रिश्तेदार जलदेवी निवासी नगला भाऊ से बैनामा करा लिया। फर्जी होने की वजह से इसे दाखिल खारिज नहीं कराया। देवेंद्र की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अजीत कुमार, सुरजीत कुमार, प्रभाकर, आदित्य कुमार, प्रदीप कुमार, दीपक कुमार, कुलदीप, अतजेश आनंद, सत्यवती ने 29 नवंबर 2023 उनका व भाई नीलेश का फर्जी शपथ पत्र लगाकर बैनामा दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार कोर्ट में लगाया। इस षडयंत्र में उनके गांव के शीलेंद्र कमार, ब्रजेंद्र सिंह, अजय पाल, सुशील कुमार, अजय कुमार भी शामिल थे। इस तरह से धोखाधड़ी कर 11 जनवरी 2023 को तहसीलदार न्यायालय को गुमराह कर आदेश करा लिए। इसके बाद सभी आरोपियों ने 23 जनवरी 2024 को आरोपी घर में घुस कर आए और धमकी दी कि खेत उनके नाम हो गया है उसे खाली करो।
फर्जीवाड़े की जानकारी होने के बाद जब दाखिल खारिज के कागज निकलवाए तो उसमें फर्जी शपथ पत्र फोटो आदि लगे हुए थे। पुलिस ने सभी 15 आरोपियों के विरुद्ध धाेखाधड़ी, अभिलेखों से छेड़छाड़ आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।