उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में कर्ज से परेशान व्यापारी फंदे से झूल गया। पत्नी ने देखा तो उसके होश उड़ गए। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौजूद लोगों से बात करके जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
मामला खेरागढ़ थाना क्षेत्र के बस स्टैंड के पास वैध गली का है। यहां के रहने वाले व्यापारी राजकुमार अग्रवाल (42) अपने परिवार के साथ रहते थे। वह घर से चंद कदमों की दूरी पर ही कॉस्मेटिक्स की दुकान चलाते थे। शनिवार की सुबह वह घर से दुकान के लिए गए। दुकान में बाहर की तरफ से ताला बंद कर दिया। दूसरी तरफ के दरवाजे को खोलकर अंदर पहुंच गए।
चीख पुकार सुनकर लोगों की भीड़ लग गई
इसके बाद दुकान के अंदर छत पर लगे कुंडे से फांसी का फंदा बनाकर लटक गए। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे पत्नी सपना दुकान पहुंची। बाहर से बंद होने पर अंदर झांककर देखा तो नजारा देखकर पैरों तले जमीन खिसक गई। दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग व अन्य परिजन आ गए। लोगों ने आनन-फानन में उन्हें फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने जानकारी ली
लोगों की सूचना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। व्यापारी की आत्महत्या की खबर से व्यापारियों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन ने बताया कि व्यापार ठीक नहीं चल रहा था। साथ ही उधार दिए गए सामान का पैसा भी वापस नहीं मिल रहा था। इस कारण उनके ऊपर कर्ज हो गया था। इससे वह तनाव में चल रहे थे। इसी कारण यह आत्मघाती कदम उठाया।
एक बेटा और तीन बेटियां हैं
घटना के बाद से पत्नी सपना और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके एक बेटा और तीन बेटियां हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा बेटा जीतेश (15 वर्ष) कक्षा दस का छात्र है। वहीं 13 वर्षीय बेटी अर्पिता क्लास आठवीं में पढ़ती है। उससे दो छोटी बेटी सात वर्ष और पांच वर्ष की हैं। थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। जांच करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।