सात वर्षीय मासूम के कातिल को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। कातिल ने मासूम के साथ हैवानियत की हदों को पार कर दिया था। उसे पानी में डुबाया। फिर भी न मरी तो टाइल्स से उसका सिर कुचला। इसके बाद मासूम के साथ दरिंदगी की। कोर्ट ने आरोपी कातिल को मौत की सजा सुनाई है।
आगरा में सात साल की बालिका घर के पास खेल रही थी। तभी चाैकीदार राजवीर उसके पास आया। बहाने से मालिक के बाड़े में ले गया। कोठरी में दुष्कर्म के बाद पानी के टैंक में डाल दिया। मगर, बालिका छटपटाने लगी। उसे जिंदा देखकर वहां पड़ा टाइल्स उठाकर सिर में मार दिया, जिससे वो खून से लथपथ हो गई। इसके बाद भी हैवानियत की सारी हद पार कर दीं। फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। शव को बाड़े की दीवार से एक भूखंड में फेंककर भाग गया। घटना का खुलासा हुआ तो पुलिस अधिकारी भी सन्न रह गए।
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30 दिसंबर 20236 को घटना हुई थी। तत्कालीन एसीपी एत्मादपुर डाॅ. सुकन्या शर्मा और निरीक्षक विजय विक्रम सिंह घटना की सूचना पर पहुंची थी। घटना स्थल के पास भूखंड में शव पड़ा था। खून से सना टाइल्स भी मिला था। पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी पकड़ में आ गया।
मासूम के बहाने से ले गया था साथ
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि राजवीर परिवहन विभाग के अधिकारी के घर में चाैकीदारी करता था। अधिकारी ने घर के सामने ही बाड़ा भी बनाया हुआ था। बालिका घर के पास ही अपने हम उम्र साथी के साथ खेल रही थी। तभी राजवीर ने उसे शिकार बनाया। वह उसे बहाने से अपने साथ ले गया। बाड़े में कोठरी के अंदर ले जाकर दुष्कर्म किया। बालिका ने अपने घर में बताने के लिए कहा। इस पर राजवीर ने उसकी हत्या की सोच ली।
टाइल्स से सिर पर किए कई वार
वह उसे बाड़े में ही बने एक पानी के टैंक में ले गया। उसे डालने के बाद काफी देर तक रखा। मगर, वह हाथ पैर हिला रही थी। उसे लगा कि वह बच गई है। बाड़े के अंदर निर्माण का काम चल रहा था। इसके लिए टाइल्स रखे हुए थे। उसने टाइल्स उठाकर बच्ची के सिर में वार किया। वह खून से लथपथ हो गई। इसके बाद वह उसे उठाकर फिर से कोठरी में ले गया। उसके साथ गलत काम किया। बच्ची की लाश में उसे दीवार के सहारे से भूखंड पर फेंक दिया।
ट्यूशन के लिए नहीं आने पर परिजन ने दी थी पुलिस को सूचना
एत्मादपुर थाने में बालिका के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था। कहा था कि दोपहर में एक बजे पड़ोस के 8 वर्षीय बालक के साथ बेटी खेलने निकली थी। दोपहर में 3 बजे ट्यूशन पढ़ने जाने के समय तक वापस घर नहीं आई। आसपास के इलाके में तलाश किया तो मिली नहीं। शाम शाम 5:30 पुत्री मृत अवस्था में दिलीप यादव नामक युवक के प्लॉट में पाई गई। उसके सिर पर चोट के निशान थे। बाएं हाथ की उंगली कटी हुई थी। तब पुलिस ने अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया था।
सीसीटीवी कैमरे से मिला था सुराग
हत्या के बाद वह चाैकीदारी करने चला गया। मगर, उसके कपड़े गीले हो गए थे। घटना का पता चलने पर पुलिस पहुंची। आसपास तलाश करने लगी। इस पर राजवीर ने कपड़े धो दिए। खुद नहा भी लिया। घटना सर्दी के माैसम में हुई थी। पुलिस ने अधिकारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे देखे। इसमें पहले बालिका जाती नजर आई। उसके पीछे राजवीर जा रहा था। पुलिस का शक हो गया। उसे थाने लाकर पूछताछ की। उसके कपड़े बदलने और नहाने के फुटेज भी मिल गए। पुलिस के सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगल दिया। बच्ची के शव की हालत देखकर पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक भी सन्न रह गए थे।
15 लोगों की गवाही और साक्ष्य किए गए पेश
एडीजीसी सुभाष गिरी और विशेष लोक अभियोजक विजय किशन लवानियां ने आरोप साबित करने केे लिए और कठोर सजा दिलाने के लिए पैरवी की। वादी मुकदमा, पीड़िता की दादी, चाचा, मृत बालिका के साथ खेल रहे बालक, विवेचक विजय विक्रम सिंह, एसीपी डा. सुकन्या शर्मा सहित 15 गवाह अदालत में पेश हुए।
दोषी को इन मुकदमों में मिली सजा
- दुष्कर्म और हत्या में मृत्युदंड और 1 लाख रुपये का जुर्माना।
- पॉक्सो एक्ट में भी मृत्युदंड
- साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में 7 साल का कारावास के साथ 25 हजार जुर्माना लगाया गया।