निमोनिया से पीड़ित दो साल के बच्चे की मौत
- दो दिन में तीन बच्चों की मौत के बाद भी उपचार पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। सर्दी के बीच जिले निमोनिया से पीड़ित बच्चों की लगातार मौत हो रही है। पिछले दो दिन में निमोनिया से पीड़ित तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती दो साल के बच्चे की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य बच्चों को हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज सैफई भेजा गया है।
जिले में पिछले एक महीने से अधिक समय से गलनभरी सर्दी का प्रकोप जारी है। सर्दी के बीच बच्चे लगातार निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जिले में बच्चों के लिए उचित उपचार की व्यवस्था नहीं है। थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव भाऊपुर निवासी सतेंद्र कुमार के दो साल के पुत्र अनुराग को पिछले कुछ दिनों से निमोनिया की दिक्कत थी। जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ न होने के कारण परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर रविवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान अनुराग ने दम तोड़ दिया। जिले में पिछले दो महीने से जिला अस्पताल में बालरोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। इससे बच्चों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। रविवार को जिला अस्पताल से तीन बच्चों को मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया है। प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके शुक्ला का कहना था कि बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में लाया गया था।
सर्दी में बच्चों का करें बचाव
प्रभारी सीएमएस डॉ. आरके शुक्ला का कहना है कि सर्दी के मौसम में बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत है। बच्चों का सर्दी से बचाव रखें। गर्म कपड़े पहनाएं। ठंडी चीजों का सेवन न कराएं। जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार कराएं। बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को किसी प्रकार की दवा न दें। बच्चों के कमरों में धुआं न होने दें।