मैनपुरी। जिले में निमोनिया के साथ ही बुखार के मरीज बढ़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल में बुखार और निमोनिया से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं हार्ट अटैक से वृद्धा की मौत हो गई। पांच मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
सोमवार को सुबह से ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। जिला अस्पताल की ओपीडी में 777 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। जिला अस्पताल में निमोनिया, सर्दी जुकाम, बुखार और कोल्ड डायरिया से पीड़ित 22 मरीजों को भर्ती कराया गया। पांच मरीजों को गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया।
बिछवां थाना क्षेत्र के गांव राजपुरा निवासी सत्यवीर सिंह के दो दिन का पुत्र निमोनिया की चपेट में आ गया। रविवार की रात परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एलाऊ थाना क्षेत्र के गांव टिकसुरी निवासी आदेश की तीन माह की पुत्री सृष्टि को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था।
परिजन उसका शहर के एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगडने पर परिजन सोमवार को उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। औंछा थाना क्षेत्र के गांव उद्दैतपुर निवासी दिलेरखां की 65 वर्षीय पत्नी साबराबेगम को सोमवार को अचानक हार्ट अटैक पड़ा। परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
- 65 वर्ष व उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों में मानसिक भ्रम की स्थिति
- खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी
बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें
मौसम में सर्दी बढ़ने के कारण निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। यह संख्या कई गुना और भी बढ़ सकती है। इसलिए जागरूकता जरुरी है। बच्चों को निमोनिया से बचाव के लिए उनका सर्दी से बचाव रखें।
डॉ. अभिषेक दुबे, बालरोग विशेषज्ञ