आगरा के रहने वाले युवा कारोबारी की यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो चीत्कार मच गया। जवान बेटे के शव को देख मां बेसुध हो गई।
आगरा के पंचवटी पार्श्वनाथ कॉलोनी में मंगलवार को हर चेहरा गमजदा था। मथुरा में एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में युवा कारोबारी रौनक की मौत की खबर ने हर किसी को हिलाकर रख दिया। मां को बेटे के सेहरा पहनने का इंतजार था मगर शव घर पहुंचा तो मां की चीत्कार से कलेजे कांप उठे। उनके साथ कर्मचारी विकास की मौत से उनके घर भी कोहराम मचा था।
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ताजगंज की पंचवटी पार्श्वनाथ कॉलोनी निवासी रौनक सलूजा (28) के सदर बाजार में खेलकूद के सामान के दो शाेरूम हैं। जिसे रौनक सलूजा अपने चाचा हेमंत सलूजा के साथ संभालते थे। दोनों शोरूम के नाम रौनक स्पोट्र्स हैं। परिवार में मां सिम्मी सलूजा, पिता अरुण सलूजा और छोटी बहन सौम्या सेठ हैं। चाचा हेमंत ने बताया सौम्या की ससुराल में मंगलवार को शादी का कार्यक्रम था। मंगलवार को सदर बाजार बंद रहता है। रौनक को बहन के यहां मंगलवार रात को शादी समारोह में शामिल होना था।
वह सुबह 4 बजे कर्मचारी विकास कुमार के साथ एसयूवी से दिल्ली गए थे। सुबह 4:30 बजे मां सिम्मी सलूजा को फोन करके बताया कि वह यमुना एक्सप्रेसवे के पहले टोल के पास हैं। जिस पर मां ने उन्हें हिदायत देकर गाड़ी चलाते समय नींद से बचने को कहा था।
आधे घंटे बाद मां ने रौनक को कई बार कॉल की वह रिसीव नहीं हुई। इस पर मां घबरा गईं। उन्होंने बेटी सौम्या काे बताया, रौनक को कॉल करने को कहा। बहन सौम्या के कॉल करने पर दूसरी ओर से किसी राहगीर ने कॉल रिसीव करके हादसे में दोनों के घायल होने की जानकारी दी। इस पर परिजन तुरंत ही घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। कर्मचारी विकास की मौके पर मौत हो चुकी थी। रौनक सलूजा को परिजन एसएन मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी लेकर आए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृ़त घोषित कर दिया। बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। रिश्तेदार और मित्र पंचवटी पार्श्वनाथ स्थित घर पर जुट गए।
चाचा हेमंत ने बताया कि रौनक परिवार में सबके लाडले थे। मां सिम्मी समेत सभी परिजन कई वर्ष से रौनक के लिए लड़की देखने की बात कर रहे थे। राैनक ने पूरा ध्यान कारोबार पर लगा रखा था। जिसके चलते वह इसे टाल देते थे। उन्होंने मां से वर्ष 2025 में शादी करने का वादा किया था। जिस पर परिजन उनके लिए लड़की देख रहे थे। कॉलोनी के श्याम भोजवानी ने बताया कि रौनक का हंसमुख और मिलनसार स्वभाव सभी को अपनी ओर आकर्षित करता था। वह कॉलोनी के लोगों का भी सहयोग करते थे।