आगरा में तोता के ताल में ईसाई कब्रिस्तान के सामने खोदे गए गड्ढे के आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे। बैरिकेडिंग नहीं होने की वजह से छह साल के जीशान की मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। पहले मुकदमा लापरवाही से मौत की धारा में लिखा गया था। अब मुकदमे को गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया है। इससे जल निगम और बीएसएनएल के अधिकारियों की मुश्किल बढ़ेगी।
जिस जगह हादसा हुआ, उसके पास सीवर लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे को रात दो बजे वबाग के कर्मचारियों ने जेसीबी बुलाकर गड्ढा भरवा दिया। वहीं जिस गड्ढे में जीशान डूबा, उसे शाम को भरवाया जा सका। क्षेत्र के लोगों में सरकारी विभागों की लापरवाही को लेकर आक्रोश है।
पुलिस की जांच में अब तक यह तथ्य सामने आए हैं कि सबसे पहले जलनिगम ने गड्ढा खोदवाया, उसमें बीएसएनएल की केबल कट गई। भरने के बाद इस गड्ढे को ठेकेदार से दोबारा खोदवाया गया। जिन अधिकारियों के कहने पर गड्ढा खोदा गया, वह ठेकेदार और अधिकारी जिम्मेदार बनेंगे। वह केस में आरोपी बनाए जाएंगे। अभी पुलिस जांच कर रही है। लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं। उनसे सवाल पूछे हैं कि कब कौन घायल हुआ, कितने दिन पहले यह खोदा गया था, किसी ने शिकायत की तो क्या हुआ।
तोता का ताल के पास जल निगम के पानी से भरे खुले गड्ढे में गिरने से छह साल के मासूम जीशान की मौत के मामले में कमिश्नर अमित गुप्ता ने जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शहर में गड्ढा खोदकर खुला छोड़ने वाले विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि खुले गड्ढे में गिरने से बच्चे की मौत बहुत गंभीर मामला है। इस मामले में जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।