फिरोजाबाद निवासी वृद्ध को करीब 15 दिन से सांस लेने में तकलीफ थी और बुखार भी आ रहा था। कूल्हा भी खराब हो चुका था, जिसके प्रत्यारोपण के लिए 24 मई को परिजन ने सिकंदरा हाईवे स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
सर्जरी से पहले अस्पताल ने निजी लैब में आरटीपीसीआर टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट सोमवार को पॉजिटिव मिली। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मरीज के सिर में खून का थक्का जमा था। अस्थमा व अन्य बीमारियां भी थीं। मरीज जब भर्ती हुआ तो उसके साथ कोरोना जांच रिपोर्ट नहीं थी। उसे संदिग्ध मानते हुए इमरजेंसी स्थित आइसोलेशन वार्ड में रखा गया, जहां मंगलवार सुबह मरीज ने दम तोड़ दिया। प्रभारी सीएमओ डॉ. अमित रावत का कहना है कि मरीज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मृत्यु के कारणों का पता किया जा रहा है।
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आगरा में संक्रमण की रोकथाम के इंतजाम नहीं
मार्च 2020 में कोरोना की पहली लहर आई थी, तब से अब तक आगरा जिले में करीब 400 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। जिले में 50 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए थे। 20 लाख से अधिक लोगों की जांच कराई गई थी। टीकाकरण के बाद कोविड प्रोटोकॉल बंद हो गया था। फिलहाल जिले में जांच और संक्रमण की रोकथाम के इंतजाम नहीं हैं।
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डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का कहना है कि कोरोना प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा रही है। एसएन में जांच की सुविधा उपलब्ध है। कोई भी संदिग्ध स्वयं जांच करा सकता है। हालांकि पिछले एक महीने में एसएन में कितने मरीजों की कोरोना जांच की गई। इस सवाल का जवाब डीएम नहीं दे सके।
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