बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसल बर्बादी के सदमे से जिले में हुई किसानों की मौत के मामलों को जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है। साथ ही फसलों के नुकसान के आकलन की सर्वे रिपोर्ट को भी नहीं माना है। डीएम ने तहसीलकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि दो दिन में नुकसान का आकलन ग्रामसभा नहीं, गाटा संख्या के आधार पर होना चाहिए। ताकि हर पीड़ित किसान को उसकी फसल का उचित मुआवजा मिल सके।
गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से आलू, जौ, गेहूं, सरसों आदि कि फसल बर्बाद हो गई। इस सदमे से कुछ किसानों ने दम तोड़ दिया। आकाशीय बिजली गिरने से भी किसानों की मौत हुई। हालांकि प्रशासन ने सदमे से हुई मौतों के मामले को खारिज कर दिया है। फसलों के नुकसान के आकलन में सभी छह तहसीलों के कर्मचारी लगे हैं। मंगलवार रात को डीएम ने सर्वे रिपोर्ट की समीक्षा बैठक बुलाई। खामियां मिलने पर रिपोर्ट खारिज कर दी। एडीएम वित्त एवं राजस्व राजकुमार ने बताया कि डीएम ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक गांव में प्रभावित किसानों के नाम, गाटा संख्या, क्षति की रिपोर्ट सहित आंकड़े प्रस्तुत किए जाएं।
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सदमे से मौत के मामले खारिज
आगरा। एडीएम वित्त राजकुमार ने बताया कि जिले में बिजली गिरने की वजह से तीन लोगों की मौत हुई थी, उन पीड़ित परिवारों को मुआवजा राशि दे दी गई है। फसल के नुकसान सदमा लगने से जिले में कोई मौत नहीं हुई है। सोमवार को फतेहपुर सीकरी में गंगाराम की मौत के मामले में उनका कहना था कि किसान के आलू कोल्ड स्टोर में पहुंच चुके हैं, करीब 100 बोरी आलू खेत में थे वे भी उसके घर पहुंच गए थे। किसान बीमार चल रहा था। मंगलवार को एत्मादपुर के रूपधनू गांव में किसान 50 वर्षीय गायत्री देवी की मौत को भी फसल बर्बाद होने के सदमे से नहीं हुई है।
राजस्व नहीं वसूला जाएगा
आगरा। एडीएम वित्त राजकुमार ने बताया कि शासन ने किसानों से राजस्व वसूली नहीं करने के आदेश दिए हैं। सरकारी कर्ज पर वसूली में रियायत दी जाएगी।
पीस पार्टी करेगी भूख हड़ताल
पीस पार्टी के जिलाध्यक्ष राकेश वाल्मीकि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर बुधवार से भूख हड़ताल का एलान किया है। कार्यकर्ता पूर्वाह्न 11 बजे से दीवानी चौराहा स्थित चौधरी चरण सिंह के प्रतिमा के समक्ष हड़ताल करेंगे।