शहर के मोहल्ला नेहरू नगर के युवक की मौत होने पर पोस्टमार्टम कराया गया था। आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस पर कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम के लिए दो हजार रुपये मांगे, जिस पर हंगामा हो गया।
एटा शहर निवासी एक युवक ने किसी बात को लेकर विषाक्त पदार्थ खाकर सोमवार की रात जान दे दी। इसके बाद परिजन मौत का कारण जानने के लिए शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वहां पोस्टमार्टम के लिए सौदा किया गया, दो हजार रुपये मांगे गए। इससे परिवार के लोगों में रोष फैल गया। उन्होंने सीएमओ कार्यालय जाकर हंगामा किया।
विज्ञापन
मोहल्ला नेहरू नगर निवासी अजय पाल सिंह के पुत्र विकास ने सोमवार की रात करीब नौ बजे विषाक्त खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर किस कारण से मौत हुई है। कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। शव रात को मोर्चरी में रख दिया और मंगलवार की सुबह 10 बजे चिकित्सक आने पर पोस्टमार्टम कराने की बात स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से कही गई।
ये है आरोप
पिता का आरोप है कि पोस्टमार्टम करने के नाम पर मंगलवार को दो हजार रुपये की मांग की गई और चिकित्सक भी 10 बजे की बजाय दोपहर 12.30 बजे आए। इसको लेकर सीएमओ कार्यालय गए और अधिकारियों के सामने पोस्टमार्टम करने के नाम पर वसूली करने की बात रखी गई। सीएमओ कार्यालय पर हंगामा करने वालों में अधिवक्ता कृपाल सिंह, अधिवक्ता मनोज कुमार, अधिवक्ता अमर सिंह, अधिवक्ता अजय पाल, डॉ. कृपाल सिंह, धर्मेंद्र कुमार, प्रशांत यादव, रेसू यादव आदि मौजूद रहे।
कराई जाएगी जांच
एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम पर रुपये मांगने और चिकित्सक के देरी से आने को लेकर विरोध जताया गया है। मामला गंभीर है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।