अपनी ही सरकार में लगातार यह दूसरा मौका है जब भाजपा विधायक को सदर थाने में धरने पर बैठना पड़ा। इससे पहले मंत्री रहते हुए अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ चुके हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए थाना सदर में धरना दे चुके विधायक जीएस धर्मेश मंगलवार को फिर से सदर थाने के एसओ केखिलाफ धरने पर बैठ गए। इस बार भी मामला पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई न करने और एफआईआर दर्ज न करने का रहा। केंद्र और प्रदेश में अपनी सरकार होने पर भी धरने पर बैठे भाजपा विधायक एसएसपी के आश्वासन के बाद धरने से उठे।
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मंगलवार शाम को विधायक जीएस धर्मेश ने अपने समर्थकों के साथ सदर थाने के थानाध्यक्ष के खिलाफ धरना दिया। विधायक का आरोप है कि सदर थाने की पुलिस लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने छेड़छाड़ के एक मामले में पुलिस से कार्रवाई के लिए कहा था, पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। पीड़ित की भी सुनवाई नहीं की गई। इस वजह से उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। विधायक के धरने पर बैठने पर एसपी ट्रैफिक और अन्य अधिकारी उन्हें मनाने के लिए पहुंचे, पर उन्होंने कहा कि एफआईआर लिखने तक धरने पर बैठे रहेंगे। इस पर एसएसपी ने वार्ता कर उन्हें आश्वासन दिया कि दो दिन में थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। शाम को एफआईआर दर्ज होने के बाद विधायक धरने से हटे।
आगरा छावनी के विधायक जीएस धर्मेश ने बताया कि कुछ पुलिस इंस्पेक्टर योगी सरकार की छवि धूमिल करने के लिए विरोधी मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। पीड़ितों का ही उत्पीड़न कर रहे हैं, इसलिए मुझे धरने पर बैठना पड़ा। पीड़ित पक्ष की एफआईआर भी नहीं लिखी। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि एसओ केखिलाफ कार्रवाई होगी, तब धरना खत्म किया है।