मूक बधिर युवती एक साल पहले अपनों से बिछड़ गई थी। उसे आशा ज्योति केंद्र पर रखा गया था। उसके परिवारीजनों को तलाशने के लिए उसके फिंगर प्रिंट से आधार कार्ड की डिटेल प्राप्त कर घर का पता चल सका।
आगरा में घर से एक साल पहले बिछड़ी युवती को उनके परिजन से मिलाने में आधार कार्ड मददगार बना। टीम जब युवती को फिंगर प्रिंट के लिए ले गई तो पता चला कि उसका आधार कार्ड पहले से बना है। उसी से घर का पता चला और वह परिजन से मिल सकी।
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एक साल पहले मिली थी
एक साल पहले एत्मादपुर पुलिस को एक युवती भटकती मिली थी। पुलिस ने उसे आगरा आशा ज्योति केंद्र पर रखा। काउंसलर अर्शी नाज ने बताया कि युवती जब यहां 29 मई 2022 में यहां आई थी। वह डरी और सहमी थी। न कुछ बोल सकती थी न ही कुछ सुन सकती थी। हम लोगों ने बहुत कोशिश की ,जिससे उसके बारे में कुछ भी पता चल जाए। पुलिस ने भी बहुत प्रयास किया। परिणाम कुछ नहीं निकला।
इसके बाद युवती को मथुरा के राजकीय महिला शरणालय मथुरा भेज दिया था। वह वहीं के लोगों के साथ घुलने-मिलने लगी थी। हाल ही में युवती का आधार कार्ड बनवाने के लिए उसे आधार केंद्र ले जाया गया तो युवती के फिंगर प्रिंट लगाते ही पता चला कि युवती का पहले से ही आधार कार्ड बना है। पता मझौला जिला अलीगढ़ है।
आधार जिस मोबाइल से लिंक था उस पर फोन किया गया। बेटी के बारे में पता चलते ही मां भावुक हो गई। कुछ दिन पहले युवती को उसके मां के साथ घर भेज दिया गया। युवती की मां ने बताया कि उसके पति दिव्यांग है और बेटी भावना उनकी इकलौती बेटी है। पैसे न होने से वो लोग बेटी को ढूंढ नहीं पा रहे थे।