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फर्जीवाड़ा: ग्राम पंचायत बुर्ढां में मृतक को भी मनरेगा में दे दिया काम

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26एमएनपी-18-मृतक रामसेवक का मनरेगा जॉब कार्ड - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। मनरेगा में कई बार रोजगार न मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। लेकिन विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत बुढ़र्रा में तो मृतक को भी मनरेगा में काम दे दिया गया। मृतक ने दो दिन मनरेगा के तहत न केवल कार्य किया बल्कि उसका भुगतान भी किया गया। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में मामला सामने आने पर सभी पल्ला झाड़ रहे हैं।
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मामला ग्राम पंचायत बुढ़र्रा का है। यहां पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जल संरक्षण के लिए दिसंबर 2021 में रिचार्ज पिट का निर्माण मनरेगा के तहत कराया गया था। अभिलेखों के अनुसार इसमें गांव निवासी रामसेवक पुत्र मुलायम सिंह ने भी 22 और 23 दिसंबर को अपने जॉब कार्ड संख्या यूपी-23-001-013-001/65 के माध्यम से रिचार्ज पिट निर्माण का कार्य किया था। इसके लिए एक बैंक खाते में उनका भुगतान भी मनरेगा के तहत किया गया।
चौंकाने वाली बात ये है कि जब 28 जून 2018 में लगभग ढाई साल पहले ही उनकी मृत्यु हो चुकी है तो मृतक को मनरेगा में काम कैसे दे दिया गया। एक आरटीआई के तहत प्राप्त सूचना के बाद ये पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के मनरेगा कार्यों में और भी फर्जीवाड़ा किया गया है, अगर जांच कराई जाए तो सब सामने आ जाएगा। रोजगार सेवक और पंचायत सचिव ने आखिर मृतक को न केवल मनरेगा में काम पर दिखा दिया, बल्कि उसका भुगतान ही कर दिया। वहीं अब वे मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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निर्माण के नाम पर भी हुई खानापूरी
रिचार्ज पिट निर्माण के नाम पर भी जिम्मेदारों ने केवल खानापूरी ही की। 67,713 रुपये की लागत से बने रिचार्ज पिट में केवल गड्ढे बनवाने के बाद उन्हें ढक दिया गया। भूगर्भ तक जल पहुंचाने के लिए बोरवेल में केवल दस फीट पाइप ही लगाया गया। इससे अब ये रिचार्ज पिट एक गड्ढे से बढ़कर और कुछ नहीं है।
मृतक के पुत्र ने कहा जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई
पूरे मामले में मृतक रामसेवक के पुत्र सुमित कुमार से बात की गई तो उसने भी फर्जीवाड़े के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। सुमित ने कहा कि उसके पिता की मृत्यु जब ढाई साल पहले हो गई थी तो कैसे उन्हें मनरेगा कार्य में लगा दिखाया जा सकता है। उसने ये भी बताया कि उसके पिता के नाम मनरेगा जॉब कार्ड तो बना था, लेकिन वे कभी मनरेगा में काम करने नहीं गए। ऐसे में अगर उनके नाम पर फर्जी कार्य दिखाकर और भी भुगतान हुआ है तो जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मृतक को मनरेगा के तहत कार्य कैसे दिया जा सकता है। ऐसा कोई मामला अब तक मेरे संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसा किया गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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- यदुवीर सिंह, बीडीओ घिरोर।
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