पड़ोसी ओपी वर्मा ने बताया कि दोनों बहनों का आसपास के लोगों से कोई मेलजोल नहीं था। दोनों फ्लैट में अकेली रहती थीं। कोई उनके पास आता-जाता नहीं था। दोनों सुबह सिर्फ मॉर्निंग वॉक पर दिखाई देती थीं। चार दिन से मॉर्निंग वॉक पर भी नहीं आई थीं। सब्जी वाला, दूध वाला रोज गेट खटखटाते थे। कोई जवाब नहीं मिलने पर लौट जाते थे।
मधुमिता और रितु की दो बहनें और हैं। एक कानपुर, दूसरी गाजियाबाद रहती हैं। एक बहन की बेटी नोएडा में रहती हैं। उनके पति वायु सेना में अधिकारी हैं। दोनों बहनों को सूचना भेजी गई। जिसके बाद वायु सेना के दो अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फिर, वहां से चौकी सराय ख्वाजा गए। पुलिस से मामले की जानकारी की। शाम को नोएडा से बेटी भी आगरा पहुंच गई।
हनुमान मंदिर के पास पीपल का पेड़ है। इसी मकान में ऊपर और नीचे दो अलग-अलग फ्लैट हैं। ऊपर फ्लैट में एक कमरा, एक हॉल, किचिन व टायलेट था। यह फ्लैट 2004 में मधुमिता ने खरीदा था। 20 साल से मधुमिता के साथ रितु रहती थी। नीचे का फ्लैट शशि शर्मा का था। जिसे 2021 में सुनील जैन ने खरीदा था। लेकिन, यह फ्लैट खाली पड़ा था। सुनील जैन दूसरे मकान में पीछे की गली में रहते थे।