23 मार्च को मृतक के भाई हरिराम ने थाना मगोर्रा में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन तलाश कर रहे थे। इस बीच शुक्रवार को थाना हाईवे के कर्मयोगी कॉलोनी के फ्लैट में दंपती के जले शव मिलने की जानकारी मिलने पर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गए। यहां पर मृतकों की शिनाख्त भीम सिंह और आरती के रूप में शिनाख्त की।
मृतक के भाई ने लगाया यह आरोप
शुरुआत में हाईवे पुलिस ने इन दोनों शवों को अज्ञात में ही कब्जे में लिया। मृतक के भाई हरिराम ने बताया कि उनका छोटा भाई भीम सिंह फ्रिज का मिस्त्री था। उसकी दोस्ती जालसाज पवन से हो गई थी, उसने ही हत्या की है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि फ्लैट भरतपुर के रहने वाले देवेंद्र फौजी का है, जो पंजाब के फिरोजपुर में तैनात है।
इस फ्लैट को पवन ने छह माह पूर्व किराये पर लिया था। पवन ने भीम सिंह के माध्यम से युवाओं से 50 लाख रुपये दिल्ली सचिवालय, रेलवे आदि विभागों में नौकरी दिलाने की एवज में ठगे थे। नौकरी न मिलने पर भीम सिंह ने रकम लौटाने का दबाव बनाया। इसी के चलते दंपती की हत्या की गई। पुलिस गहनता से घटना की जांच कर रही है।