डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) में विश्वविद्यालय का ग्रेड बढ़ गया है। ‘बी’ की जगह ‘बी ++’ ग्रेड मिल गया है। बहुत कम विश्वविद्यालयों के पास यह ग्रेड है।
नैक की टीम ने 13 वर्ष बाद 24 से 26 अप्रैल 2017 को विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया था। इस दौरान पालीवाल पार्क, खंदारी और छलेसर कैंपस स्थित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों, शिक्षकाें, कर्मचारियों और छात्रों के साथ संवाद किया था। संस्थानों के निदेशक और विभागाध्यक्षाें ने टीम के सामने अपनी प्रस्तुति दी। टीम के आगमन पर और विदाई के समय विश्वविद्यालय के जेपी सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया।
विदाई समारोह में नैक टीम के चेयरमैन ने कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित के प्रयासाें की सराहना की थी। कहा था कि चार माह व्यवस्था बनाने में बीत जाता है। कुलपति का नैक की टीम के निरीक्षण के लिए तैयार होना साहसिक कदम है। टीम निरीक्षण से खासी प्रभावित हुई थी। यही कारण है कि उसने विश्वविद्यालय को चार में से 2.79 सीजीपीए (कमुलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) दिया है। प्रदेश के 27 राज्य विश्वविद्यालयों में यह सर्वाधिक है।
‘विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी और छात्रों ने जीजान लगाकर काम किया है। ग्रेड में सुधार टीम के प्रयास का नतीजा है। विश्वविद्यालय की छवि खराब थी। अब यह अच्छे विश्वविद्यालयों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। इससे टीम और मोटिवेट होगी।’ - डा. अरविंद कुमार दीक्षित, कुलपति डा. भीमराव अंबेडकर विवि
इन बिंदुओं पर परखा गया
- नैक की टीम ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार, छात्र कल्याण, वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं, संसाधन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेल की व्यवस्थाएं, प्लेसमेंट, बेहतर शिक्षण आदि बिंदुआें पर परखा।
कुछ और सुधार से ए ग्रेड मिल सकता है
आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में कुछ और चीजों को बेहतर बना दिया जाए तो इसको ‘ए’ ग्रेड भी मिल सकता है। नैक की टीम ने कुछ चीजाें पर ध्यान आकर्षित भी किया था। पालीवाल परिसर और खंदारी परिसर में विद्यार्थियों के लिए खेल के मैदान नहीं हैं। प्लेसमेंट बढ़ाने, संसाधन बढ़ाने आदि के सुझाव दिए।