इनररिंग रोड के पहले चरण के 10.9 किलोमीटर रोड पर विकास प्राधिकरण ने टोल टैक्स वसूलने का निर्णय किया है। प्राधिकरण ने नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के मानकों के तहत रेट लिस्ट प्रस्तावित कर दी है। मंडलायुक्त की स्वीकृति के बाद इसे फाइनल कर दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि किसानों को टैक्स से राहत दी जा सकती है। प्राधिकरण को डर है कि स्थानीय किसानों से टोल की वसूली की गई तो विरोध हो सकता है।
शहर को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर के बाहर इनररिंग रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह सड़क ग्वालियर हाईवे, दिल्ली हाईवे, यमुना एक्सप्रेस-वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, जयपुर हाईवे को जोड़ेगी। सड़क के प्रथम चरण (10.9 किलोमीटर) का लोकार्पण पिछले वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। तब से वाहनों का आवागमन फ्री है। प्राधिकरण टोल प्लाजा का निर्माण नहीं कर पाया है। लेकिन अब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से लिंक होने के बाद प्राधिकरण ने टोल टैक्स वसूली का निर्णय किया है। इस रोड के निर्माण में विकास प्राधिकरण की माली हालात भी खस्ता हो गई है। नोएडा अथारिटी ने अपने 100 करोड़ रुपये का तगादा भी शुरू कर दिया है। ऐसे में प्राधिकरण के अधिकारियों ने फैसला किया कि फिलहाल टोल टैक्स की मैन्युअल वसूली शुरू की जाए।
इनररिंग रोड का प्रस्तावित टोल रेट
वाहन रेट (रुपये प्रति किलोमीटर)
थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर 1.25
कार, जीप, वैन, हल्के वाहन, कृषि सामान ले जाने वाले ट्रैक्टर- ट्राली 2.53
हल्के व्यवसायिक वाहन, हल्के लोडर और मिनी बस 3.87
बस और ट्रक 8.20
हैवी व्हीकल, मल्टी एक्सल व्हीकल आदि 12.50
ओवर साइज व्हीकल (सेवन एक्सल या अधिक) 15.50