डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कई महाविद्यालयों ने निर्धारित समय सीमा के बावजूद प्रायोगिक परीक्षाएं और अंक अपलोड नहीं किए हैं, जिस पर विश्वविद्यालय कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। छात्रों के हित को देखते हुए कार्रवाई के बाद प्रायोगिक अंकों के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर भी विचार किया जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों की प्रायोगिक परीक्षाओं और अंक अपलोड करने की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। साथ ही छात्रों के हित में कार्रवाई के बाद अंक अपलोड के लिए पोर्टल भी खोला जा सकता है।
बीए, बीएससी और बीकॉम के चतुर्थ एवं षष्ठम सेमेस्टर के साथ द्वितीय सेमेस्टर के लिए भी प्रायोगिक परीक्षा और अंक अपलोड की अंतिम तिथि बीत चुकी है, इसके बावजूद कई महाविद्यालयों ने न तो प्रायोगिक परीक्षाएं कराई हैं और न ही छात्रों के अंक विश्वविद्यालय पोर्टल पर अपलोड किए हैं। प्रभारी प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद अब ऐसे महाविद्यालयों की सूची तैयार की जा रही है, जिन्होंने विश्वविद्यालय के निर्देशों का पालन नहीं किया।
सूची के आधार पर संबंधित संस्थानों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित समय में परीक्षा संबंधी कार्य पूरा नहीं करने वाले महाविद्यालयों पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा। कहा कि महाविद्यालयों की लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को न भुगतना पड़े, इसे देखते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर प्रायोगिक अंक अपलोड करने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर विचार किया जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद महाविद्यालयों को अंतिम अवसर दिया जाएगा।