डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की सम सेमेस्टर परीक्षाएं 16 अप्रैल से शुरू हो चुकी हैं, लेकिन 6 दिन बीतने के बाद भी न तो परीक्षा समिति की बैठक हुई है और न ही परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। ऐसे में परीक्षाएं बिना ठोस दिशा-निर्देशों के ही संचालित हो रही हैं। इस बात को लेकर शिक्षक संगठन ने भी उच्च शिक्षा मंत्री से शिकायत की है।
विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली के तहत केंद्र निर्धारण, संचालन व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय परीक्षा समिति की बैठक में तय किए जाते हैं, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया पूरी तरह से अधूरी बनी हुई है। केवल मौखिक निर्देशों के आधार पर ही कई महाविद्यालयों में स्वकेंद्र (सेल्फ सेंटर) पर परीक्षाएं आयोजित कराई जा रही हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई भी आधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया है।
इस स्थिति में महाविद्यालय अपने स्तर पर व्यवस्थाएं संचालित कर रहे हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई संगठन इस बात का विरोध कर रहे हैं कि कैसे परीक्षाएं बिना किसी आदेश के संचालित हो सकती हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि परीक्षा समिति की जो बैठक है वह परीक्षाओं के बीच में भी आयोजित की जा सकती है। और परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को लेकर विवि छात्र हित में निर्णय ले चुका है।
केंद्रों पर भी सवाल
इधर जिन स्ववित्त पोषित महाविद्यालय को स्वकेंद्र बनाया गया है उनको लेकर भी विरोध है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जो केंद्र डिबार कर दिए गए थे उनकी सूची अब तक चस्पा नहीं की गई है। विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि जब तक बताया नहीं जाएगा कौन सा केंद्र डिबार है तब तक विरोध और असमंजस की स्थिति रहेगी। ऐसे में तत्काल रूप से ये सूची जारी करनी चाहिए।