आगरा में थाना लोहामंडी क्षेत्र के तेलीपाड़ा में 10 अगस्त को हुई 13 साल की खुशी की हत्या का आरोप उसकी मां समीना बानो पर ही है। पुलिस का कहना है कि मकान मालिक के 150 रुपये चोरी करने पर मां ने बेटी को बेरहमी से पीटा।
रात में सोते समय रस्सी से उसका गला घोंट दिया। जांच में मामला सामने आने पर गुरुवार को आरोपी मां को गिरफ्तार कर लिया। उसको कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
थाना लोहामंडी के इंस्पेक्टर जगदंबा सिंह ने बताया कि 11 अगस्त को तेली पाड़ा निवासी नासिर की बेटी खुशी की मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने कहा था कि बेटी बीमार रहती थी। बीमारी से ही उसकी मौत हुई है। मोहल्ले के लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
घरवाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। मगर, पुलिस ने गले पर निशान देखकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरे दिन पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हो गई। इस पर पुलिस की ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच में सामने आई ये बात
जांच में पता चला कि 10 अगस्त की रात को खुशी ने मकान मालिक गुलफाम के घर में घुसकर 150 रुपये चोरी कर लिए थे। इसकी जानकारी पर गुलफाम ने समीना से शिकायत की। समीना ने इस हरकत पर बेटी खुशी को पीटना शुरू कर दिया। यह देखकर गुलफाम ने उसे रोक दिया।
बाद में खुशी सोने चली गई। रात में किसी वक्त समीना ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। नासिर को भी इस बात की जानकारी हो गई। बाद में रस्सी को समीना ने फेंक दिया। लोगों को बताया कि खुशी को मिर्गी आती थी। उसके चलते ही उसकी मौत हो गई है। मगर, लोगों को उनकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ और पुलिस को सूचना दे दी।
बेटी की हरकत से परेशान थी समीना
इंस्पेक्टर थाना लोहामंडी ने बताया कि आरोपी समीना ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह बेटी की हरकतों से परेशान थी। खुशी बीमार भी रहती थी। उसकी बीमारी पर पैसा खर्च होता था। इसके अलावा वह कई बार चोरी कर चुकी थी। घर में आने वाले लोगों के रुपये भी चुरा लेती थी।
कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। बेटी की बीमारी के बारे में मोहल्ले के लोगों को भी पता चल गया था। उसकी बड़ी बेटी की शादी हो चुकी थी। 18 साल के बेटे की शादी करने की तैयारी थी। मगर, खुशी की हरकतों की वजह से बेटे का रिश्ता तय नहीं हो पा रहा था। इसलिए परेशान थी।
बेटे को जेल भेजने की कहने पर रोने लगी
पुलिस ने समीना से कहा कि वह अगर, अपने जुर्म को कबूल नहीं करेगी तो वह उसके बेटे और पति को जेल भेज देंगे। यह सुनकर समीना रोने लगी और बेटी की हत्या करना कबूल लिया। उसे अपने किये पर अफसोस था। उसका कहना था कि वह बेटी को मारना नहीं चाहती थी।