फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कतर से बहू का आया कॉल... पूर्व सैन्यकर्मी की मौत की सजा पर रोक लगने की सुनकर फफक पड़े पिता

Fri, 29 Dec 2023 04:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

कतर की सेना से जुड़ी कंपनी में काम कर रहे जिन आठ पूर्व नौसेना अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई है, उनमें से एक कमांडर आगरा के हैं।  मौत की सजा की खबर मिलने के बाद परिवार टूट गया था, लेकिन हाल ही खबर आई कि पूर्व सैन्यकर्मी की मौत की सजा पर रोक लग गई है। ये खबर मिलते ही पिता फफक पड़े।
 
विज्ञापन
Agra News: भारतीय नौसेना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कतर में जिन आठ पूर्व नौसैनिकों को फांसी की सजा हुई थी, उनमें आगरा के कमांडर संजीव गुप्ता भी शामिल हैं। गांधी नगर में संजीव के घर में उनके 90 वर्षीय पिता आरपी गुप्ता को पड़ोसियों ने टीवी चैनलों पर कतर की अदालत के सजा पर रोक की जानकारी दी मगर उन्हें यकीन नहीं हुआ। कतर से बहू का कॉल आया, उसने फैसले की जानकारी दी तो कुछ तसल्ली मिली।
विज्ञापन


गुप्ता ने बातचीत में बताया कि पुत्रवधू के एक कॉल ने पूरे परिवार को नए साल के शुरू होने से पहले ही राहतभरी खबर दी है। वह रोजाना ही बेटे की रिहाई की प्रार्थना कर रहे थे। आरपी गुप्ता ने कहा कि बस सरकार से यही दरख्वास्त है कि बेटे की जल्द से जल्द रिहाई हो जाए।

यह था मामला
कतर की एक अदालत ने जासूसी के एक कथित मामले में भारतीय नौसेना के 8 पूर्व सैन्य कर्मियों को दी गई मौत की सजा पर रोक लगा दी है, इसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी है। मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि कतर की अपीलीय अदालत ने फैसले पर सुनवाई की थी। कतर की अदालत ने अक्टूबर 2023 में मौत की सजा सुनाई थी। दोहा स्थित कंपनी दहरा ग्लोबल के सभी कर्मचारियों, भारतीय नागरिकों को अगस्त 2022 में हिरासत में ले लिया गया था। भारत ने पिछले महीने मौत की सजा के खिलाफ कतर स्थित अपीली अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें