आगरा। फतेहाबाद रोड पर नमामि गंगे योजना के तहत बिछाई जा रही सीवर लाइन का काम के पूरा होने में तारीख पर तारीख दी जा रही है। जल निगम की ग्रामीण इकाई ने होटल हावर्ड पार्क प्लाजा से फतेहाबाद रोड मेट्रो स्टेशन तक सीवर लाइन का काम पूरा करने के लिए मई तक का समय मांगा है। ऐसे में यहां जून में ही लोग जाम से निजात पा सकेंगे। सीवर लाइन के लिए खुदाई होने से बंद पड़ी एक साइड के कारण 5 लाख से ज्यादा लोग हर दिन जाम से जूझ रहे हैं।
धांधूपुरा में 100 एमएलडी का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने और इससे फतेहाबाद रोड पर सीवर लाइन बिछाकर जोड़ने का काम बीते साल मई में शुरू किया गया था। तब इसे जून तक यानी एक माह में खत्म करना था। ताजमहल जाने वाले सैलानियों के कारण फतेहाबाद रोड पर 300-300 मीटर के टुकड़ों में सीवर लाइन बिछानी थी, लेकिन एक महीने का काम पूरे 12 माह में भी नहीं हो पाया। चार बार इसकी डेडलाइन बदली जा चुकी है। पहले 10 जून तारीख दी गई, जिसे बढ़ाकर 30 सितंबर किया गया। फिर 31 दिसंबर तक काम पूरा नहीं हुआ तो 31 मार्च की तारीख तय की गई। उसके बाद 30 अप्रैल की तारीख तय हुई, लेकिन 300 मीटर का काम अधूरा है। ऐसे में जल निगम ने मई तक का वक्त मांगा है।
पीएमओ से मॉनिटरिंग, तब ये दुर्दशा
फतेहाबाद रोड पर डेढ़ किलो मीटर दूरी में विश्वराज एनवायरमेंट की ओर से बिछाई जा रही सीवर लाइन का काम हर हाल में 31 मार्च तक पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से हर दिन मॉनिटरिंग की जा रही थी। पीएमओ और मंत्रालय से संयुक्त सचिव समेत अधिकारी निरीक्षण के लिए आ चुके हैं, लेकिन सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हो सका। एसटीपी का काम पूरा होने के बाद भी लाइन चालू न होने से यमुना में करोड़ों लीटर सीवर पहुंच रहा है।
वर्जन
- पहले खुदाई की अनुमति नहीं मिली, फिर इस रोड पर यूटिलिटी और अन्य समस्याएं आती गईं, इसलिए एक साल की देरी हुई है। अब हमने तय किया है कि हर हाल में मई में काम पूरा कर लिया जाएगा। मई में लाइन चालू करने के साथ सड़कों का निर्माण भी पूरा कर देंगे। - आरपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम ग्रामीण
- फतेहाबाद रोड पर महाराजा अग्रसेन प्रतिमा से पहले जाम लगता है जो शिल्पग्राम मोड़ तक रहता है। एक साइड बंद होने से रात एक बजे तक ट्रैफिक जाम के हालात से लोग जूझ रहे हैं। पूरा एक साल हो गया, लेकिन जल निगम हर बार तारीख पर तारीख दे रहा है। - राकेश चौहान, निवासी, ताजनगरी-फेज 1
- फतेहाबाद रोड पर ही होटल हैं, ऐसे में शादी में जाने पर दो घंटे तक का समय लग रहा है। अजब है कि एक महीने का यह काम था, लेकिन एक साल का समय लग गया। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - अतिन कुमार, इवेंट मैनेजर
- जल निगम ने 31 मार्च तक प्रोजेक्ट चालू करने की जानकारी एनजीटी को दी थी, लेकिन अप्रैल में भी यमुना में करोड़ों लीटर सीवर हर दिन जा रहा है। एनजीटी में अगली सुनवाई में हम जल निगम पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति और कार्रवाई की मांग करेंगे। - डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, याचिकाकर्ता, एनजीटी