बाह/शमसाबाद। पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर बाह, नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर जैतपुर में दशलक्षण पर्व के पहले दिन उत्तम क्षमा धर्म का उत्सव मनाया गया। अभिषेक पूजन और शांतिधारा के बाद हुए विधान में आचार्य प्रभात शास्त्री ने उत्तम धर्म पर प्रवचन करते हुए कहा कि बदले की भावना मन में रखना पाप से कम नहीं। रावण का हश्र सबके सामने है। इसके ठीक विपरीत क्षमा भाव पुण्य से कम नहीं, इसीलिए दशलक्षण पर्व में क्षमा भाव का ज्यादा महत्व दिया गया है।
बाह में अमित जैन, ऋषि जैन, नवीन जैन, अनुभव जैन, मंजू देवी, अखिल जैन, मनीष जैन, अमित जैन, निक्कू जैन, अमन जैन, रिषभ जैन, रौनक, साधना, रचना, ममता, स्नेहलता, माया देवी तथा जैतपुर में राहुल बजाज, मनोज जैन, उमेश जैन, गोल्डी जैन, मुकेश जैन, हर्षित जैन, विशाल जैन, नीरज जैन, रानू, रजनी, संध्या, आकांक्षा, नेंसी, श्रद्धा जैन आदि रहे। वहीं शमसाबाद में पर्व के पहले दिन नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, चन्द्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर, शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम क्षमा धर्म की पूजा की गई। महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर मंदिर पहुंचीं और पहले श्रीजी का अभिषेक और शांति धारा की गई, जिसका सौभाग्य मोनू जैन, ओमप्रकाश जैन को मिला। इस दाैरान ब्रह्मचारी बहन गुन माला दीदी, राजू जैन, डॉक्टर प्रवीण जैन, शैलू जैन, नवनीत जैन, सतीश जैन, नीतेश जैन उपस्थित रहे।