तिब्बत के बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा कि तिब्बत को लेकर अमेरिका ऐसा पहला देश है, जिसने सबसे पहले हमारा साथ दिया। उम्मीद है कि अमेरिका सबसे बड़ा ताकतवर देश होने के नाते अन्य छोटे देशों की भी मदद करेगा।
दो दिवसीय यात्रा पर मथुरा आए तिब्बती धर्मगुरु ने सोमवार को रमणरेती स्थित गुरु शरणानंद के आश्रम में मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका दुनिया का बड़ा और नेतृत्व करने वाला देश है। हमने तिब्बत के मुद्दे को लेकर जब संयुक्त राष्ट्र में आवाज उठाई थी तब अमेरिका ने सहानुभूति दिखाते हुए हमारी सहायता की।
उत्तराधिकारी पर यह बोले
उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर दलाई लामा ने कहा कि उन्होंने तो 1969 में ही कह दिया था कि दलाई लामा का पद महत्वपूर्ण नहीं है जितना यह महत्वपूर्ण है कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों को बौद्ध धर्म का अधिकतम ज्ञान हो।