आगरा। डेयरी उत्पाद बनाने वाली भोले बाबा व दाऊजी ग्रुप समेत पांच फार्मों पर 15 जनवरी से शुरू हुई आयकर विभाग की जांच मंगलवार को समाप्त हो गई। पांच दिन चली लंबी जांच के बाद सभी फर्मों में करीब 700 करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आई है। वहीं, हैदराबाद स्थित केंद्रीय लैब भेजे गए दाऊजी फर्म के घी के सैंपल में मिलावट की पुष्टि के बाद आयकर विभाग ने आधिकारिक रूप से भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को जानकारी दे दी है। बाकी फर्मों के सैंपल में मिलावट की बात सामने नहीं आई है।
दरअसल, आयकर विभाग को कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि कई दुग्ध उत्पाद बनाने वाली फर्में मिलावटी उत्पादों को कागजों में देसी घी दिखाकर कर चोरी कर रही हैं। कर चोरी और आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ की दोहरी मार से निपटने के लिए आयकर महानिदेशक लखनऊ के नेतृत्व में आयकर विभाग की टीमों ने 15 जनवरी की सुबह सात बजे से दाऊजी मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और पोद्दार मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर छापा मारकर जांच शुरू की।
इस दौरान दाऊजी ग्रुप की दौसा स्थित फैक्टरी से लिए गए सैंपल को एफएसएसएआई की प्रयोगशाला भेजा गया। जांच में नमूने निम्न स्तर के पाए गए। पोद्दार ग्रुप के सैंपल की प्रारंभिक रिपोर्ट सामान्य आई, जिसके बाद विभाग ने वहां कर चोरी के एंगल से जांच की। वहीं, भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, भोले बाबा मिल्क फूड इंडस्ट्रीज धौलपुर प्राइवेट लिमिटेड, बीकानेर के आशीष अग्रवाल ग्रुप और जोधपुर के मलानी ग्रुप के परिसरों पर भी आयकर टीमों ने दस्तक दी।
इस दौरान भारी मात्रा में हीरे, सोना-चांदी के जेवरों के अलावा कई करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई। इन पर कारोबारी कोई जवाब नहीं दे सके। आयकर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिना रिकाॅर्ड की खरीद-बिक्री के अलावा अघोषित विदेशी निवेश और अघोषित खर्च के साक्ष्य मिले हैं। साथ ही तलाशी के दौरान कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाई गई। असल में किसी प्रकार का स्टॉक का परिवहन ही नहीं हुआ।
ऐसे में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी के भी साक्ष्य मिले हैं। विभाग अब अन्य विभागों के साथ समन्वय कर आगे जांच करने पर विचार कर रहा है। बता दें, 15 जनवरी से 200 से अधिक आयकर अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमें दिल्ली, आगरा, धौलपुर, कानपुर देहात, अलीगढ़, सिरसागंज, दौसा, बीकानेर और जोधपुर सहित देशभर के 35 ठिकानों पर जांच कर रही थीं। फिलहाल टीमों की सर्च खत्म हो चुकी है। अब अधिकारी हर फर्म की अलग-अलग टैक्स चोरी के निर्धारण करने में जुटे हैं।