जनवरी 2022 को अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय ने पुलिस को अवैध कब्जा हटाने का आदेश किया। लेकिन हुआ कुछ नहीं, फिर बाबा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएं, कोर्ट ने 25 अप्रैल को संबंधित मजिस्ट्रेट को आदेश पारित कर एक माह का समय दिया। पीड़ित का कहना है कि अपर नगर मजिस्ट्रेट ने एक जून, तीन जून को आदेश किया, लेकिन आदेश का अनुपालन कराने कोई अधिकारी नहीं गया।
जमीन पर कब्जा नहीं पा रहा किसान
थाना मलपुरा के मिढाकुर गांव निवासी रुप किशोर दीक्षित की जमीन कुछ लोगों ने कब्जा करने की कोशिश की। अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की, तो 2020 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर सदर तहसील के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने 30 जनवरी 2021 को उप संचालक चकबंदी को आदेशित कर कब्जा दिलवा दिया। आरोप है कि 23 अप्रैल 2022 को खेत समतल करा रहे थे तो विपक्षियों ने रोक दिया।
30 अप्रैल को एसएसपी से गुहार लगाई, सीएम पोर्टल पर शिकायत किया। लेकिन कोई न्याय नहीं सका है। हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद भी पीड़ित अपनी जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहा है। सीओ अछनेरा का कहना है कि मेड़ को लेकर विवाद चल रहा है। निरोधात्मक कार्रवाई दोनों पक्षों के खिलाफ की गई है।
टीम क्यों नहीं गई, जानकारी करेंगे
तहसीलदार रजनीश कुमार ने बताया कि लोहामंडी पुलिस एवं एसीएम तृतीय के पत्र और हाईकोर्ट द्वारा एसडीएम को अपेक्षित कार्रवाई करने के आदेश के क्रम में अगनलाल के मामले में नायब तहसीलदार रवीश कुमार, राजस्व निरीक्षक एवं लोहा मंडी पुलिस सहित छह लोगों की टीम गठित कर तीन जून को अवैध कब्जा हटाने के लिए आदेश मेरे द्वारा किया गया था। टीम क्यों नहीं गई इसकी जानकारी करेंगे।
लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी
डीएम प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के प्रकरण में सभी अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित प्रकरण संज्ञान में आने के बाद इसमें लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ स्पष्टीकरण तलब कर कार्रवाई की जाएगी।