कासगंज। पर्यावरण के लिए घातक और किसानों के लिए मुसीबत बनी पराली का प्रबंधन डी कंपोजर से हो सकेगा। इसके प्रयोग से जहां पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जाएगा, वहीं खेतों की मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी। कृषि विभाग किसानों को डी कंपोजर वितरित करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल पहले चरण में किसानों को 2700 यूनिट डी कंपोजर विभाग की तरफ से वितरित किया जाएगा।
धान की कटाई के बाद पराली किसानों के लिए बड़ी समस्या बन जाती है, पराली जलाने से जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, जलाने वाले किसानों के खिलाफ जुर्माना से लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने तक की कार्रवाई की जाती है। पराली जलाने से लोगों को रोकने के लिए कृषि विभाग की तरफ से बकायदे निगरानी टीम गठित की गई हैं। इसके अलावा सेेटेलाइट से भी निगरानी की जाती है। इसके चलते पराली प्रबंधन के लिए किसान परेशान रहते हैं।
लेकिन किसानों की इस समस्या का समाधान अब डी कंपोजर के जरिए आसानी हो सकेगा। कृषि विभाग किसानों को लिक्विड डी कंपोजर का वितरण करेगा। इसके लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो डी कंपोजर पराली को सड़ाकर खाद में परिवर्तित कर देता है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होने से बचता है, साथ ही किसानों के खेतों की मिट्टी की सेहत भी सुधरेगी।